अमर भारती : हैदरगढ़ में श्री राम नवमी के पर्व पर निकली भव्य शोभायात्रा में उस समय अजब नजारा विद्यमान हो गया जब कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी तनुज पुनिया श्री राम जी एवं हनुमान जी की आरती कर पूजा अर्चना करने पहुंचे। इस मौके पर कांग्रेसियों ने वंदे मातरम -जय श्री राम एवं जय सिया राम के जयघोष बुलंद किए तो वहां उपस्थित  भाजपा के तमाम चेहरों की रंगत देखने लायक थी? एकाएक होश में  आए भाजपाइयों ने कहा कि यह सब चुनाव के समय बनावटी रूप है।जिस पर कांग्रेसियों ने पलटवार किया कि श्री राम जी सबके आराध्य हैऔर वंदे मातरम भी किसी एक दल विशेष के नाम पट्टा नहीं है। जबकि नागरिकों में इस अजीबोगरीब स्थिति की चर्चा गहराती चली गई?

श्री राम जी की निकली सवारी श्री रामजी की लीला है न्यारी। जी हां एक फिल्म का यह भजन वास्तव में आज हैदरगढ़ में लोकसभा चुनाव के दरमियान राजनीति  को एक ऐसी बदली हवा का झोका दे गया जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में देखते ही देखते आम हो गई। आज हैदरगढ़ ने जो देखा वह वास्तव में अजब भी था और गजब भी था। मौका था श्री रामनवमी के पर्व पर हिंदू युवा वाहिनी के द्वारा निकाली गई चतुर्थ भव्य शोभायात्रा का। यह शोभायात्रा धूमधाम से बिजई हनुमान मंदिर से निकल कर शाम को हैदरगढ़ चौराहे पर पहुंची। वहां पर कांग्रेस एवं भाजपा के दिग्गज अपने समर्थकों के साथ भगवान राम की पूजा अर्चना करने गए थे। आमने-सामने जमा दोनों दलों के दिग्गज इस बात से शायद राहत महसूस कर रहे थे कि यहां सपा के दिग्गज नजर नहीं आ रहे थे।

हां कुछ सपाई जरूर उक्त नजारे का दर्शन करने के लिए यहां जमा थे? जब शोभायात्रा सैकड़ों नागरिकों के साथ चौराहे पर पहुंची एकाएक कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया के समर्थकों में जोश आ गया। भारी संख्या में उपस्थित श्री पुनिया के समर्थकों में कई प्रमुख मुस्लिम चेहरे भी  वहां मौजूद थे। वैसे तो पूरी शोभायात्रा में जय श्रीराम का उद्घोष प्रारंभ से ही जारी था। लेकिन यहां जब कांग्रेसियों ने मोर्चा संभाला और उन्होंने जय श्री राम तथा जय सियाराम एवं वंदे मातरम का जयघोष को बुलंद करना शुरू किया तो  भाजपाई सन्न रह गए। जब जयघोषों की गूंज के साथ तनुज समर्थकों के साथ भगवान श्री राम की झांकी की ओर बढ़े तो उपस्थित श्री भक्तों ने भी लगाए जा रहे जय घोष में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी ।कांग्रेस प्रत्याशी ने चौराहे से आगे बढ़कर मिडिल स्कूल के समक्ष भगवान श्री राम जी व हनुमान जी की पूजा अर्चना की। इसके बाद तनुज पुनिया अपने समर्थकों के साथ उसी अंदाज में वापस हो गए।

कांग्रेसियों के द्वारा अपने प्रिय नारे जय श्री राम तथा वंदे मातरम को लगाए जाने के बाद सकते में आए भाजपाइयों की तो जैसे नींद हराम हो गई। एकाएक संभले भाजपाइयों ने ताबड़तोड़ आपस में चर्चा की और फिर उन्होंने भी जवाबी तौर पर जय श्री राम तथा वंदे मातरम के जयघोष करने प्रारंभ कर दिए ।उनका उत्साह भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र रावत तथा पूर्व भाजपा विधायक सुंदरलाल दीक्षित एवं भाजपा विधायक बैजनाथ रावत भी बढ़ाते दिखे।

भाजपा प्रत्याशी ने भी अपने समर्थकों के साथ जय श्री राम एवं वंदे मातरम के जय घोष के बीच श्री राम जी व हनुमान जी की पूजा अर्चना की। लेकिन दूसरी और तब तक उपस्थित सैकड़ों लोगों के बीच कांग्रेसियों के बदले अंदाज एवं तनुज के नरम हिंदुत्व की चर्चा तेजी से फैलती चली गई ।कुछ आवाजें आई उन्होंने कहा कि तनुज पुनिया पहले भी श्री राम बारात में भगवान की आरती करने को पहुंचते रहे हैं। सबसे ज्यादा गौरतलब यह था कि श्री पुनिया के समर्थक मुस्लिम कांग्रेसियों ने भी अपना दिल बड़ा करते हुए जय श्री राम तथा वंदे मातरम के जयघोष का खुलकर सहयोग दिया।

चर्चाओं का दौर जब बढ़ा तो भाजपा के दिग्गजों ने अपनी बेचैनी को व्यक्त कर डाला। भाजपा नेताओं ने कहा कांग्रेसियों ने चुनाव के समय बनावटी रूप धरा हुआ है। यह अच्छे दिन हैं जो अब कांग्रेसी भी श्री राम जी एवं वंदे मातरम के जय घोष को करने में गर्व महसूस कर रहे हैं। एक भाजपाई बोला अरे यह सब चुनाव करवा रहा है। जाहिर था कि भाजपाई इस अजब स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थे ,कि कांग्रेसी भी उनके सामने इस तरह से जय श्री राम तथा वंदे मातरम का नारा बुलंद कर सकते हैं ।नागरिक अचरज में थे तो उनके चेहरों पर भी मुस्कान थी। समझदार नागरिकों ने कहा कि चुनाव अलग है और ईश्वर की आराधना अलग है सबका अपना-अपना ढंग है । देश के सभी धर्म  सम्माननीय हैं। यह स्थिति अजब भी है और गजब भी है। लेकिन इसे सभी अपने अपने चश्मे से देखेंगे। फिलहाल हम नागरिकों के लिए यह राहत का विषय है।

जब भाजपा के द्वारा प्रारंभ हुए हमलों पर स्थानीय कांग्रेसी दिग्गजों का ध्यान दिलवाया गया तो कांग्रेसियों ने भी जोरदार पलटवार कर डाला। कांग्रेसी बोले कि भगवान श्री राम जी सभी के आराध्य हैं। चाहे जय श्री राम बोलो या फिर जय सिया राम बोलो यह हमारा अपना अधिकार है। रही वंदे मातरम की बात आजादी की लड़ाई में तमाम भारत मां के मतवाले वंदे मातरम बोल कर के ही फांसी के फंदे पर झूले हैं। कांग्रेसियों ने कहा कि जय श्री राम और वंदे मातरम किसी एक दल अथवा कुछ लोगों के नाम पर पट्टा नहीं हो गया है। उसे देश का कोई भी नागरिक स्वेच्छा से बोल सकता है। फिर कांग्रेस की दृष्टि में सभी का सम्मान है।

उधर यह अजब चर्चा आज चौराहे से  सुदूर इलाकों की दुकानों व चौपालो तक जा पहुंची। नागरिकों का कहना था श्री राम जी का दरबार उनकीभक्ति  सभी के लिए  हैं।आज जो भी हुआ अच्छा हुआ। जबकि एक बात आज स्पष्ट नजर आई। कांग्रेसियों के द्वारा जय श्री राम एवं वंदे मातरम का उद्घोष स्थानीय भाजपा के नेताओं की नींद  तो हराम कर ही गया था? वहीं उपस्थित श्री राम भक्तों ने सधे शब्दों में एक बात कह डाली। आयोजन भले ही हिंदू युवा वाहिनी का था। उपस्थिति भी भले ही भाजपा के दिग्गजों की थी लेकिन इस पूरे आयोजन की जो चर्चा थी कांग्रेस प्रत्याशी  भगवान राम की कृपा से कुछ ज्यादा ही ले उड़े?

इसके अलावा शोभायात्रा में एकाएक तब भी लोगों का ध्यान ताज्जुब में सना नजर आया। जब डीजे पर चल रहे एक देश भक्ति गाने के बीच नारे तदबीर “अल्लाह हू अकबर “एकाएक गूंज उठा। खैर उसे सुनकर कईयों ने  गाना बन्द कराने की जल्दबाजी की, तो वहीं कई नागरिक ऐसे भी थे जो बस मुस्कुरा कर रह गए।

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