अमर भारती : इंडियन आईपीएल टी-20 लीग जब से शुरु हुई है, तभी से इसके हर सीजन का विवादों से अच्छा खासा नाता रहा है और हर बार की तरह अब लगता है कि इस बार भी विवादों की शुरुआत हो चुकी है। बता दें कि अभी अश्विन का मांकड़िंग विवाद ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इंडियन आईपीएल टी-20 लीग का एक और मैच गलत वजहों से विवादो में आ चुका है। गुरुवार रात बैंगलोर और मुंबई की टीम आमने-सामने थी और उम्मीद के मुताबिक यह मैच बेहद रोमांचक रहा। मुकाबला आखिरी गेंद तक चला, लेकिन खत्म विवाद के साथ हुआ।

दरअसल आखिरी गेंद में बैंगलोर को जीत के लिए सात रन की दरकार थी और यह ओवर फेंक रहे थे मुंबई के सबसे बेहतरीन गेंदबाज लसिथ मलिंगा। यह विवाद तब सामने आया जब पता चला कि उनकी आखिरी गेंद नो-बॉल थी, लेकिन अंपायर एस रवि ने इसे नो-बॉल नहीं दिया। नतीजतन बैंगलोर को यह मैच गंवाना पड़ा। अब खबरें हैं कि 6 रन से हारने के बाद बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली मैच रैफरी के कमरे में घुसे और रेफरी को खुब गालियां दी।

अगर सूत्रो की माने तो मैच की प्रेजेंटेशन सेरेमनी पूरा होते ही कोहली मैच रैफरी मनु नायर के कमरे में गए और खराब अंपायरिंग को लेकर गालियां दीं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आचार संहिता तोड़ने के अपराध में अगर उन्हें सजा भी मिलती है तो वे इसकी कोई परवाह नहीं करते। इस बात का पता तब चला जब ब्रॉडकास्टर ने इसे बड़े परदे पर दिखाया जब दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिला रहे थे। आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह भी पता चला है कि कोहली ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और मैच रेफरी मनु नय्यर को यह कहते हुए कमरे से बाहर निकले कि अगर उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन के लिए दंडित किया जाता है तो उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है।

वहीं अब बात करे मुंबई की टीम के कप्तान रोहित शर्मा का तो उन्होने भी अंपायर्स को इस गलत फैसले के लिए खरी-खरी सुनाई। रोहित की माने तो तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद ऐसी गलतियां खेल के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं। उन्होंने कहा की अगर मै ईमानदारी से कहूं तो मुझे इस बात का मैदान से बाहर जाने के बाद पता चला कि यह एक नो-बॉल थी। रोहित ने कहा कि इस तरह की गलतियां खेल के लिए ठीक नहीं हैं।

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