अमर भारती : मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रविवार से सुचारू रूप से कार्य करना शुरू कर देगा। दो महीने से यहां मरम्मत का कार्य चल रहा था। जिसके कारण हफ्ते में तीन दिन छह घंटे के लिए परिचालन को बंद रखा गया था। मुंबई एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड का कहना है कि उसने चार इंच मोटा रनवे बनाया है और उम्मीद है कि यह कार्य अगले 10 सालों तक चलेगा।

इससे पहले मरम्मत का कार्य 2009-10 में हुआ था। उस समय दो रनवे के बीच की ऊपरी परत खराब हो गई थी। गुरुवार को हवाई अड्डे ने बताया कि 98 प्रतिशत कार्य हो चुका है और वह 31 मार्च से अपने नियमित कार्य को शुरू कर देंगे। हवाई अड्डे से रोजाना लगभग 950 उड़ाने संचालित होती हैं। मरम्मत कार्य की वजह से उसे 22 दिनों तक 230 उड़ानों को रद्द करना पड़ा था।

मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को हवाई अड्डा बंद होने से 5,000 यात्री प्रभावित हुए। इसके कारण मुंबई-दिल्ली और मुंबई-बंगलुरू के व्यस्त हवाई मार्ग के किराए में इजाफा हो गया। मुंबई-दिल्ली के बीच लगभग 100 उड़ाने रोजाना संचालित होती हैं उन्हें शेड्यूल से हटा दिया गया था।

इसके अलावा, सुबह 11 बजे और शाम 5 बजे तक हवाई अड्डा बंद होने के कारण इस अवधि के दौरान उड़ानों को सुबह और देर रात में संचालित किया गया।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारी ने कहा, ‘पायलटों को हवाई अड्डे के बंद होने के बारे में नोटिस जारी किया गया था। सभी एयरलाइन कंपनियां चाहती थीं कि उनकी उड़ाने सुबह 11 बजे से पहले उड़ान भर लें। इसके कारण बहुत ज्यादा ट्रैफिक बढ़ गया था।’

मरम्मत कार्य की वजह से विमानों के टायर द्वारा छोड़े गए रबर को हटाने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया। हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने कहा एक एयरबस उड़ान भरने के बाद 5 किलो रबर डिपोसिट छोड़ देती है। बोइंग 10 किलो रबर और ए380 विमान 15 किलो रबर छोड़ देता है। इन रबर को हटाने के लिए एक वाटर ब्लास्टिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया।

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