अमर भारती : वित्तीय वर्ष 2018-19  खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2019-20 शुरू हो जाएगा। हर वित्तीय वर्ष में कई इस तरह के बदलाव होते हैं, जो कि हमारी जिंदगी पर काफी असर डालते हैं। ऐसा ही एक बड़ा बदलाव शेयर बाजार में होने वाला है।

यदि आप शेयर बाजार में शेयर्स की खरीद और ब्रिकी करते हैं तो आपके लिए यह जरूरी खबर है। 1 अप्रैल से लिस्टेरड कंपनियों के शेयर्स का ट्रांसफर सिर्फ इलेक्ट्रॉ निक फॉर्म में ही किया जा सकेगा। हालांकि जिन निवेशकों के पास फिजिकल फॉर्म में शेयर हैं, वो इसे रख सकेंगे।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनमय बोर्ड (सेबी) की ओर से कहा गया, ”निवेशकों के अपने पास शेयर्स को फिजिकल रखने पर पाबंदी नहीं होगी। हालांकि, अगर कोई निवेशक फिजिकल शेयर्स को ट्रांसफर करना चाहता है तो 1 अप्रैल 2019 के बाद ऐसा शेयर्स के डीमैट रूप में होने के बाद ही किया जा सकेगा।

बता दें कि शेयर्स को अनिवार्य रूप से डीमैट या इलेक्ट्रॉ निक रूप में ट्रांसफर का निर्णय मार्च 2018 में किया गया था।  सेबी ने दिसंबर 2018 में इलेक्ट्रॉ निक शेयर ट्रांसफर की समय सीमा बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दी थी। अब सेबी ने इस समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय किया है। अर्थात यह नियम 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा।  सेबी का कहना है कि डीमैट फॉर्म में शेयरों की खरीद और बिक्री से कंपनियों की शेयर होल्डिंग का रिकॉर्ड पारदर्शी होगा। इसके अलावा कंपनियों के स्वामित्व को लेकर विवाद में कमी आएगी।

पहले किसी कंपनी के शेयर खरीदने पर निवेशकों को शेयर प्रमाण पत्र दिया जाता था। इसे ही फिजिकल शेयर कहते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होती है। लेकिन फिजिकल शेयर को डीमैट फॉर्म में बदलने के लिए निवेशकों को पहले एक डीमैट अकाउंट ओपन करवाना होगा। डीमैट अकाउंट ओपन करवाते समय निवेशकों को अपनी जानकारियां देनी होंगी। डीमैट अकाउंट ओपन होने के बाद उन्हें हर शेयर के लिए डीमैट रिक्वेस्ट फॉर्म भरना होगा।  इसके बाद उनका फिजिकल शेयर डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर हों जाएगा।

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