अमर भारती : कश्मीर आतंक का वो गढ़ है जहा पर की सिर्फ एक आतंकी के जनाजे से भटके युवाओं का सैलाब उमड़ पडता है, आज उसी आतंक के गढ़ दक्षिण कश्मीर में हजारों युवा देश में आईपीएल की टीम मुंबई इंडियन के उभरते गेंदबाज रसिक सलाम की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। जाहिर है कि आतंक और आतंकी गतिविधि उन्हें पसंद नहीं है  जिसके चलते यहां के युवाओं की भावनाएं तात्कालिक हवाओं में बह जाती है।

दरअसल दक्षिण कश्मीर का कुलगाम क्षेत्र आतंक का गढ़ माना जाता है। लेकिन कुलगाम के गांव अश्मुजी गांव का रहने वाला 17 वर्षीय रसिक सलाम ने मुंबई के वानखेडे़ तक का सफर तय किया है। उसने पत्थर नहीं गेंद को चुना। वह मुंबई की तरफ से इंडियन आईपीएल  टी-20 लीग खेल रहा है। रासिक सलाम अब राज्य के युवाओं के लिए रोल मॉडल तो बन ही गए हैं और कश्मीर के युवा भी उन्हें अपना रोल मॉडल समझ रहे हैं।

रसिक की फैन फॉलोइंग पिछले चार दिनों में काफी बढ़ गई है। इसमें सोशल मीडिया पर सबसे अधिक ट्वीट, लाइक और कमेंट करने वाले कश्मीरी युवा हैं। हद तो यह है कि जहां के युवा एक आतंकी के जनाजे को वायरल कर गलत संदेश फैला कर माहौल बिगाड़ते हैं और वहीं के युवा रसिक सलाम के बारे में वीडियो बनाकर पॉजिटिव प्रतिक्रिया मांग रहे हैं। घाटी में सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में युवा रासिक की तरह क्रिकेट में अपना भविष्य बनने की इच्छा जता रहे हैं।

गौरतलब है कि अगर समय पर मार्गदर्शन और प्लेटफार्म मिल जाए तो कश्मीर से हर वर्ष रसिक सलाम और परवेज रसूल जैसे युवा खिलाड़ी निकलेंगे। यानी वहां हालात से युवाओं में छटपटाहट है। असामाजिक तत्व उन्हें भटका कर गलत इस्तेमाल करते हैं।

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