अमर भारती : एक मशहूर कहावत है “ marriages are made in heaven” अर्थात शादियां स्वर्ग में तय होती हैं। इसी कहावत को सच मानते हुए जब कोई जोड़ा विवाह के पवित्र बंधन में बंधता है तो ऐसा माना जाता है कि यह जोड़ी भी ईश्वर ने ही बनाई है हम तो इन्हें धरती पर मिलाने का एक जरिया मात्र हैं। परन्तु कई बार ऐसा भी होता है कि विवाहित स्त्री या पुरूष अपने पार्टनर से संतुष्ट न होकर घर से बाहर प्रेम की तलाश में निकल पड़ते हैं।अपने पार्टनर के अलावा किसी दूसरे व्यक्ति से संबंध रखना  एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कहलाता है।

बदलती हुई जीवनशैली , बढ़ती हुई उम्मीदें , महत्वाकांक्षाएं या विश्‍वास की कमज़ोर होती डोर… वजह चाहे जो भी हो, मगर ये सच है कि पिछले कई सालों से हमारे देश में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामले बढ़ गए हैं। आख़िर क्यों लोगों को अपने पार्टनर को छोड़कर घर के बाहर प्यार तलाशना पड़ रहा है, क्यों शादी का रिश्ता कमज़ोर होता जा रहा है?

आइए जानते हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारणों के बारे में-

दबाव में की गई शादी

घरवालों के दबाव में की गई शादी कई बार एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह बनती है। अगर किन्हीं दो व्यक्तियों के बीच प्रेम संबंध है और उनकी शादी नहीं हो पाती तो संभव है ऐसे में शादी के बाद भी उन दोनों में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कायम रहता है  और वो अपने पार्टनर को छोड़कर अपने अफेयर को तरजीह देते हैं।

यौन इच्छा का पूरा न होना

यह भी कहा जाता है कि यौन इच्छा भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह बन सकती है।
कहा जाता है एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में दो ऐसे लोग क़रीब आते हैं, जो अपने-अपने पार्टनर से संतुष्ट नहीं होते हैं और अपनी यौन इच्छा को पूरा करना चाहते हैं इसके लिए वो बाहर प्रेम की तलाश में निकल पड़ते हैं।

समय की कमी

आज की व्यस्त जीवनशैली और आगे बढ़ने की चाह में कपल्स ने ख़ुद को इस हद तक बिज़ी कर लिया है कि उनके पास एक-दूसरे के लिए भी समय नहीं है।  8-10 घंटे की नौकरी और ट्रैवलिंग में 1-2 घंटे बर्बाद करने के बाद वो इस क़दर थक जाते हैं कि एक-दूसरे से बात करने कि बजाय सोना ज़्यादा पसंद करते हैं जिससे दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जाती हैं और पार्टनर की प्यार की कमी की भरपाई के लिए वो बाहर जैसे वर्कपलेस पर प्यार तलाशने लगते हैं।

ज़्यादा प्रैक्टिकल होना
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की चाह ने युवाओं को बहुत कम उम्र में प्रैक्टिकल बना दिया है। प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ वो अब अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी प्रैक्टिकल होकर सोचने लगे हैं।  एक-दूसरे की भावनाएं उनके लिए मायने नहीं रखती हैं। ऐसे में ख़ुद को ख़ुश रखने के लिए वो प्रैक्टिकल तरी़के से सोचते हुए एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को ग़लत नहीं समझते।

धन की इच्छा
कई बार पैसों की कमी की वजह से भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बनते हैं। पार्टनर यदि अपने जीवनसाथी की इच्छाओं को पूरा करने में आर्थिक रूप से समर्थ नहीं होता है, तो दूसरा पार्टनर अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए भी किसी दूसरे की ओर आकर्षित होने लगता है।

रिश्तों में बढ़ता ईगो

जहां प्यार होता है, वहां अहंकार की कोई जगह नहीं होती। लेकिन आज कपल्स के बीच प्यार के लिए कोई जगह नहीं है। उनकी नज़र में ईगो ही सबसे बड़ा होता है । जिसकी वजह से न तो वो अपने पार्टनर के आगे कभी झुकते हैं और ना ही कभी आपसी सहमति से रिश्तों की बुनियाद को मज़बूत करने की कोशिश करते हैं  नतीजतन अहंकारवश हमसफ़र के आगे झुकने की बजाय वो किसी और से रिश्ता जोड़ना बेहतर समझते हैं।

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