अमर भारती : बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने इन आरोपों से इनकार किया है। बीजेपी नेता मुरलीधर पर रक्षा मंत्री के फर्जी साइन करने का आरोप भी लगा है।

मुरलीधर राव पर आरोप है कि उनकी सक्रिय मिलीभगत से शिकायतकर्ता को केंद्र सरकार में एक नामित पद दिलाने का वादा करके दो करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की गई। साथ ही उनका आरोप है कि उन्होंने कुछ दस्तावेजों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के फर्जी हस्ताक्षर भी किए थे।

मामला दर्ज होने के बाद बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने एक ट्वीट करके सफाई पेश की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि जो एफआईआर दर्ज की गई है। उसका वर्तमान विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। बीजेपी नेता ने लिखा कि कथित तौर पर उनका नाम एफआईआर शामिल किए जाना एक निजी शिकायत के आधार पर अदालत में चल रहे मामले की अगली कड़ी है। जोकि एक पुराने मामले से जुड़ा है।

बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि ये एक निजी शिकायत थी। जिसका कोई आधार नहीं है इसे एक शरारत माना जा सकता है। आशा है कि पुलिस इस मामले में झूठ का पर्दाफाश करने के लिए जल्द कार्रवाई करेगी। मेरे वकील दोषियों को सजा दिलाने के लिए उचित कदम उठाएंगे।

गौरतलब है की इस मामले पर तेलंगाना बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता कृष्ण सागर राव ने एक बयान जारी करके बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव पर कुछ फर्जी लोगों द्वारा दर्ज की गई भद्दी एफआईआर का मकसद केवल उनकी छवि और पार्टी की छवि को धूमिल करना है। उनके वकील इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। भाजपा ऐसे लोगों को चेतावनी देती है जो गलत उद्देश्यों के साथ साजिश रच रहे हैं। उन्हें इसके गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कृष्ण सागर राव ने पार्टी की तरफ से कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी पार्टी के नेता ने कोई गलत काम नहीं किया है।

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