अमर भारती : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। धोनी ने कोर्ट के समक्ष कहा है कि आम्रपाली ग्रुप अपनी ब्रैंडिंग और मार्केटिंग के लिए 40 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुतान करे। धोनी के ऐसे कदम से आम्रपाली ग्रुप को बड़ी मुश्किल हो सकती है। हजारों ठगे हुए खरीददारों के बाद अब धोनी ने अपने बकाया राशि को भुगतान के मांग को लेकर न्यायालय से दखल की मांग की है।

जानें पूरा मामाला?

साल 2009 में आम्रपाली ग्रुप और धोनी के बीच कई समझौतों को बाद धोनी ग्रुप के ब्रैंड एम्बेसडर बनाए गए। बता दें  कि धोनी आम्रपाली ग्रुप के साथ छह साल तक जुड़े रहे, लेकिन साल 2016 में जब कंपनी पर खरीददारों को ठगने का आरोप लगने लगे तो धोनी ने भी आम्रपाली ग्रुप से खुद को अलग कर लिया।

बता दें कि धोनी की पत्नी साक्षी धोनी भी आम्रपाली ग्रुप के चैरिटी कार्यक्रम से जुडी हुई थीं। लोगों को ठगने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने 28 फरवरी को इसके सीएमडी अनिल शर्मा और दो डायरेक्टर्स शिव प्रिय और अजय कुमार को पुलिस के हिरासत में भेजा था।

धोनी की ओर से क्या कहा गया?

इस मामले पर धोनी के ओर से कहा गया कि आम्रपाली ग्रुप ने उनके साथ कई सारे समझौते किए, लेकिन उनकी सेवाओं के लिए तय राशि नहीं मिली।

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