अमर भारती : हम आए दिन  तरह तरह  के कैंसर से पीड़ित लोगों के बारे में पढ़ते और सुनते रहते हैं। जिसमें से तो कई कैंसर जानलेवा होते हैं और उनमें से कई कैंसर ऐसे भी हैं जिनका सही समय पर इलाज कराने से मरीजों की भी जान बचाई भी जा सकती है। इन्हीं में से एक कैंसर है ‘रैटिनोब्लासटोमा’, यह कैंसर आंखों में पाया जाता हैं। जो कि अधिकतर 6 महीने से लेकर 6 साल तक के बच्चों में पाया जाता है। इस पर डॉक्टरों का कहना है कि ये हर 15,000 में से एक बच्चे में पाया जाता है। इस कैंसर के बारे में लोगों को बहुत कम ही जानकारी होती है। जिसका सही समय पर इलाज न होने पर यह एक खतरनाक बिमारी ट्यूमर का रुप ले लेती है। जोकि शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाती है। डॉक्टर का कहना है कि इसके लक्षण बाकी कैंसर के मुकाबले जल्द ही सामने आने लगते हैं। हम लोग इसका पता स्मार्टफोन  के  कैमरे  से बहुत ही असानी से लगा सकते है। आप इसके लिए कैमरे की फ्लैश लाईट ऑन करके बच्चे की आंखो का तस्वीर लें ध्यान रहे रुम की लाइट डिम हो, आपको फोटो को ऐसे लेनी है जिससे बच्चों की आंख की पुतली साफ नज़र आए। अगर आपको आखों की पुतली या उसके आस पास सफेद रंग का कुछ रिफ्लैक्शन दिखाई देता है तो ये ‘रैटिनोब्लासटोमा” कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए अपने बच्चों जल्द से जल्द आंखों के डॉक्टर के पास ले जाए।

इस कैंसर के शिकार रह चुके 21 साल के शिवम ने बताया कि उन्हें इस कैंसर का सही समय पर पता लगने से ही उनकी जान बच पाई है। लेकिन इस बीमारी के चलते उन्होंने अपनी एक आंख हमेशा के लिए खो दिया है। उन्होंने बताया कि जब वो 1 साल के थे तब उनके माता पिता ने नोटिस किया मैं बहुत ज्यादा सोता हूँ और उठने पर ज्यादातर रोता रहता था। साथ ही साथ उनकी एक आँख पर जब लाइट पड़ती तो वो सफेद चमकती थी। आस पास के डॉक्टरों को जब दिखाया गया तो उन्होंने कुछ दवाई तो दी, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने उन्हें इस कैंसर के बारे में नहीं बताया। उन्हें इस कैंसर के बारे में तब पता चला जब तकलीफ बढ़ने पर AIIMS में अपनी आँखों को दिखाया।

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