अमर भारती : सुप्रीम कोर्ट में वीरवार को राफेल मामले से जुड़े कोर्ट के फैसले पर दायर की गई पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो चुकी है। कोर्ट नमें सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायलय से कहा कि वह लीक दस्तावेजों को पुनर्विचार याचिका से हटा दे क्योंकि सरकार इन दस्तावेजों पर विशेषाधिकार का दावा करती है। उनके इस मांग पर अदालत ने पूछा कि आप किस तरह के विशेषाधिकार का दावा कर रहे हैं? वो तो आप पहले ही अदालत में पेश कर चुके हैं। यह दस्तावेज पहले से ही सार्वजनिक हो चुके हैं। वहीं इसके जवाब में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि उन्होंने इन दस्तावेजों को गोपनीयता के साथ अदालत में पेश किया है। राज्य के दस्तावेजों को बिना स्पष्ट अनुमति के प्रकाशित नहीं किया जा सकता है।

वेणुगोपाल ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक कोई भी संबंधित विभाग की अनुमति के बिना अदालत में गोपनीय दस्तावेज पेश नहीं कर सकता। वहीं वेणुगोपाल के इस बात पर न्यायालय ने आरटीआई की धारा 22 और 24 का उल्लेख करते हुए कहा कि खुफिया एजेंसी और सुरक्षा प्रतिष्ठान भी भ्रष्टाचार और मानव अधिकारों के उल्लंघन के बारे में जानकारी देती हैं।

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