अमर भारती : शनिवार लखनऊ के ताज होटल में सपा-बसपा ने भाजपा के खिलाफ गठबंधन कर 2019 के लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ने की घोषणा कर दिया है। दोनों ही पार्टियां राज्य की 38-38 लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। दोनों ही पार्टियों ने कांग्रेस के लिए केवल 2 सीटें ही छोड़ी है। बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा कि जैसा कि सर्वविदित है आज समाजवादी पार्टी के साथ बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन का ऐलान है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह अर्थात दोनों गुरु और चेले की नींद उड़ाने वाली प्रेस वार्ता हो रही है इसकी पृष्ठभूमि यह है कि हमारे परम पूज्य बाबा भीमराव अंबेडकर ने जो दलितों के लिए सफर तय किया था।

उन्होंने जो प्रयास किए उससे दबे कुचले लोगों को मान-सम्मान से जीवन यापन करने का मिशनरी लक्ष्य को जमीनी हकीकत में बदला और लोहिया जी के बताए हुए रास्तों पर चल रही सपा पहले भी 1993 में माननीय कांशीराम और मुलायम सिंह यादव दोनों के संयुक्त नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया था। उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में हवा का रुख बदलते हुए सांप्रदायिक पार्टी को हटाने के लिए 1995 में घटित गेस्ट हाउस कांड के बाद टूट गया था लेकिन हमने एक बार फिर संप्रदायिक ताकतों को हटाने के लिए फिर से गठबंधन करने का फैसला लिया है

मायावती ने कहा कि जैसे उस समय 1990 के आसपास बीजेपी की घोर जातिवादी सांप्रदायिक संकीर्ण उन्माद एवं हिंसा आदि के जहरीले विचारों के कारण आम जनता बुरी तरीके से त्राहि त्राहि कर रही ठीक उसी प्रकार से आज भी देश की लगभग सवा सौ करोड़ जनता गरीब किसान मजदूर व्यापारी इनके अहंकारी नीतियों के के कारण परेशान व दुखी हैं इसी कारण से हम बीएसपी और सपा ने देश के खातिर और खासकर उत्तर प्रदेश के जनता के हित के लिए आम जन भावनाओं का पूरा ख्याल रखते हुए देश के जल्द ही होने वाले आम चुनाव को दोनों एक साथ लड़ने का फैसला किया है।

 

यह निश्चित ही नए वर्ष 2019 राजनीतिक क्रांति का वर्ष माना जाएगा बीएसपी और सपा के गठबंधन से समाज को नई उम्मीदें जाग गई है क्योंकि यह चुनाव जीतने के लिए दो पार्टियों का ही एकजुट होना मात्र नहीं है जबकि यह समाज के अधिकांश आबादी के गरीबों मजदूरों किसानो छोटे व मझोले व्यापारियों युवाओं एवं बेरोजगारों एवं महिलाओं को दलित शोषित व पिछड़ों मुस्लिमों व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए एक नई शक्ति भी है एक बेहतरीन कल को बनाने वाली सामाजिक परिवर्तन आर्थिक क्रांति का नया आंदोलन भी बन सकता है

उन्होंने कहा कि आपको मालूम है कि देश में पिछले लोकसभा चुनाव में गलत नीतियों और बेईमानी से अपनी सरकार बनाई है जिससे जनता दुखी है और ऐसी जन विरोधी पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए जिसके लिए हमने पहले भी हुए कुछ विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव में गठबंधन किया था जिसका नतीजा हम जीते पिछले उपचुनाव में कांग्रेस की तो जमानत जप्त हो गई देश में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटें हैं वैसे भी भाजपा की गलत नीतियों से सभी वर्ग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आज भी चिंतित हैं

साथ साथ मायावती ने मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी और नोटबंदी जैसे फैसलों को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस कांड को भी तरजीह नहीं दी जनता के हितों को देखते हुए हम दोनों मिलकर एक साथ चुनाव लड़ेंगे

जिस प्रकार हमने लोकसभा और विधानसभा के सभी उपचुनाव में बीजेपी को हराया है देश में होने वाले लोकसभा चुनाव को संयुक्त रूप से मिलकर अब हम बीजेपी को रोकेंगे

मायावती ने कहा कि अब सवाल यह उठता है कि हमने इस नए बड़े गठबंधन में कांग्रेस को शामिल क्यों नहीं किया है जबकि आपको मालूम है कि देश में ज्यादातर कांग्रेस पार्टी नहीं राज किया है उनके शासनकाल में देश में गरीबी बेरोजगारी व भ्रष्टाचार आदि भी सबसे ज्यादा बढ़ा है। जिसके बाद ही सपा बसपा आदि का गठन हुआ केंद्र में चाहे सत्ता कांग्रेस या बीजेपी एंड कंपनी के पास रही हो इन सब की कार्यशैली और सोच नीतियां एक जैसी नजर आती है,

देश में रक्षा सौदों जैसे खरीद-फरोख्त मामले में दोनों ही पार्टियों में भ्रष्टाचार रहा है इसके लिए पूर्व में कांग्रेस को अपनी बोफोर्स मामले में सरकार गवानी पड़ी थी वहीं अब राफेल मसले पर बीजेपी घिरी हुई है भाजपा का एजेंडा है कि विशेषकर व अपने विरोधियों को कमजोर करें पूर्व में लगी इमरजेंसी जैसे हालात आज भी मौजूद है और समय घोषित इमरजेंसी थी और इस वक्त बीजेपी के राज में अघोषित इमरजेंसी है

बीएसपी सुप्रीमों ने कहा की बीजेपी को भी 1977 की इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव की तरह भारी नुकसान होने वाला है

कांग्रेस के साथ गठबंधन करने से पिछला अनुभव हमें सिखाता है कि हमारा वोट बैंक ट्रांसफर नहीं होता है या बड़ा कारण है जिसमें हमारा वोट तो उन्हें मिल जाता है लेकिन उनका हमें नहीं मिल पाता कांग्रेस जैसी पार्टियों को तो हम से पूरा लाभ मिल जाता है लेकिन हम लोगों को इनका खास लाभ नहीं मिल पाता जिससे हमारी पार्टी का वोट प्रतिशत कम हो जाता है कांग्रेस के साथ गठबंधन करके 1996 में हमने कड़वा अनुभव किया था ऐसी स्थिति में हमने अपनी पार्टी और मूवमेंट के हित में लोकसभा चुनाव के होने वाले आम चुनाव में खासकर यहां उत्तर प्रदेश में बीएसपी और सपा के गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया है

मायावती ने कहा कि अन्य कांग्रेस तथा किसी भी पार्टी से आने वाले समय में हम अब गठबंधन नहीं करेंगे

समाजवादी पार्टी का हमारा पूर्व में किया गठबंधन काफी सफल रहा है और दोनों ही वोट एक दूसरे में ट्रांसफर भी आसानी से हो जाते हैं जिसका दोनों पार्टियों को लाभ मिला और अब हमें भरोसा है सपा और बसपा का गठबंधन केंद्र की सरकार को जरूर रोकेगा खासकर उत्तर प्रदेश में अगर इन्होंने ईवीएम मशीनों में कोई गड़बड़ी न की तो हम इन्हें रोक लेंगे

4 जनवरी को हमने दिल्ली में आपस में बैठकर सभी 80 लोकसभा सीटों पर सीटों का बंटवारा भी कर लिया है

गठबंधन की भनक लगते ही बीजेपी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम जबरदस्ती खनन मामले में उछाला लेकिन हमारी पार्टी पूरी तरीके से अखिलेश यादव के साथ खड़ी है बीजेपी को खासतौर से अब यह समझ लेना चाहिए कि उनके इस घिनौनी हरकतों से हम डरने वाले नहीं

मायावती ने अपने वोटरों से की अपील छोटे छोटे गैर जरूरी दलों को ना दे वोट इन दोनों पार्टियों के सर्व समाज से जुड़े प्रत्याशियों को ही जिताना है तभी हमारे गुरु संतों का किया गया परिश्रम सफल होगा और मैं 2019 नव वर्ष की हार्दिक बधाई देती हूं साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि दोनों पार्टी का जो गठबंधन मायावती ने स्वीकार किया है उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं

समाज के हर वर्ग पर सरकार ने अत्याचार किया है देश और समाज को एक सूत्र में बांधने की बजाय लोगों में भाईचारा बढ़ाने की बजाए लोगों को बांटने का काम किया है यहां तक कि भगवान राम को भी दुखी कर दिया है

अस्पताल में इलाज से पहले उनकी जात पूछी जा रही है एक्सीडेंट में हुई लोगों को इलाज देने से पहले जात पूछी जा रही है अस्सल असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा देश में धार्मिक उन्माद फैलाकर भय और आतंक का राज करना चाहती है बहू बेटियों की इज्जत को सरेआम नीलाम किया जा रहा है गरीबों के हजारों बच्चे सरकारी अस्पतालों में रोज मारे जा रहे हैं कई लोग रात में भूखा सोने के लिए मजबूर हैं पूरे देश में अराजकता का वातावरण है अन्याय और अशिक्षा के कारण शरीफ लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है गरीब किसान रोड आत्महत्या कर रहे हैं देश के नौजवान भाजपा के झूठे वादों से आहत हैं

भाजपा के नेताओं तक अगर पहुंच रही हो तो देश में समाज और नफरत का जहर घोलने वाली भाजपा को रोकने के लिए हमने दोनों ने गठबंधन किया है और हम दोनों मिलकर इनका सफाया करेंगे हमारा गठबंधन के 1 चुनावी गठबंधन नहीं है हम दोनों पार्टी के कार्यकर्ता मिलकर बीजेपी के अत्याचार का सफाया करेंगे सत्ता के मद में चूर भाजपा के नेताओं ने आदरणीय मायावती जी के ऊपर अशोभनीय टिप्पणी करना शुरू किया था हमारे गठबंधन पर बीजेपी ने उसी दिन मोहर लगा दी थी जिस दिन हमारे संयुक्त प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर को छल बल से हराने का प्रयास किया था और हमारा मिलना बहुत जरूरी था मैंने पहले भी कहा था कि हमें अगर गठबंधन करने के लिए दो कदम पीछे भी हटना पड़ा तो हम हटेंगे लेकिन बीजेपी को हरा कर रहेंगे और मायावती जी ने एक दूसरे का सम्मान करने का काम किया है।

गठबंधन में सपा के लोग मान ले अब कोई मायावती जी का अपमान करेगा तो वह मेरा अपमान करेगा समाजवादियों की पहचान है कि सुख और दुख में एक साथ रहते हैं बीएसपी और सपा के गठबंधन से घबराकर भाजपा तरह-तरह के षडयंत्र सकती है गलतफहमी पैदा कर सकती है हमारे कार्यकर्ताओं के बीच नफरत पैदा कर सकती है दंगा फसाद करा सकती है परंतु हमें संयम और धैर्य से काम करना है और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है मायावती जी द्वारा देश हित में लिए गए ऐतिहासिक फैसले मैं स्वागत करता हूं और मैं यह मानता हूं कि आने वाले समय में दोनों दलों के संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे

मायावती ने कहा कि अगले 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी यह गठबंधन रहेगा, जब से केंद्र में बीजेपी पावर में आई है तब से अपने विरोधी पार्टियों को दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया है

मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के सवाल पर अखिलेश ने दिया गोलमोल जवाब कहा आप जानते हैं मैं किसे बनाऊंगा प्रधानमंत्री बस इतना कहना चाहूंगा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार भी प्रधान मंत्री उत्तर प्रदेश से ही बनेगा।

विजय त्रिपाठी

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