अमर भारती : उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी  और बहुजन समाज पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने लिए 25 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर एक बार फिर गठबंधन का ऐलान कर दिया है। 1993 में मुलायम-कांशीराम की जोड़ी ने बीजेपी को पटखनी दी थी ।
अब 2019 में बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश-मायावती की जोड़ी तैयार है। बसपा सुप्रीमो मायावती को प्रधानमंत्री बनाने के सवाल पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हमेशा प्रधानमंत्री दिया है मैं चाहूंगा कि इस बार भी यूपी से प्रधानमंत्री मिले।

दोनों पार्टियां 38-38 सीट पर साथ चुनाव लड़ेंगे। अमेठी और रायबरेली सीट को कांग्रेस के लिए छोड़ा गया है। बाकी दो सीटों का बंटवारा सहयोगी पार्टियों के बीच किया जाएगा। वहीं भाजपा पर आरोप लगाते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में अराजकता का माहौल है। प्रदेश में भुखमरी और गरीबी चरम पर है।
बीजेपी धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। बीजेपी के राज में हर वर्ग परेशान है। वही मायावती  ने भी कांग्रेस व भाजपा दोनों पर आरोप लगाया कहा कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने के पर कहा कि  आजादी में काफी लंबे समय तक देश और अधिकांश राज्यों में कांग्रेस ने राज किया है।
कांग्रेस के शासनकाल में गरीबी, भ्रष्टाचार बढ़ा है। कांग्रेस और बीजेपी की सोच और कार्यशैली एक जैसी नजर आती है। रक्षा सौदे की खरीद में इन दोनों सरकारों में जबरदस्त घोटाले हुए हैं। कांग्रेस के साथ लड़ने में हमें कोई खास फायदा नहीं होता है मायावती ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन का स्थायी है।
2019 में नहीं हम 2022 का आम विधान चुनाव भी साथ लड़ेंगे मायावती के घर के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं  ने एक नारा भी लगाया अब परिवर्तन लाना है। झूठ बोलने वाले को सत्ता से हटाना है। इस बार मांग रहा है देश, अबकी माया और अखिलेश देखना यह होगा कि क्या यह गठबंधन बीजेपी को लोकसभा चुनाव में किस हद तक मात दे सकता है।

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