अमर भारती : देश और दुनियां में कोई भी जाति हो या कोई धर्म समाज सभी की किसी न किसी भगवान में आस्था रहती है। भारत में लोगो की अपने धर्म के आधार पर काफी रुची देखी जाती है। यहां मंदिर, मस्जिद, गरुद्वारे सभी जगह लोग काफी संख्या में जाते हैं। वहीं आपको बता दें कि भारत में एक ऐसा भी मंदिर है।

जहां लोग जाने से थरथर कांपते हैं। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के चम्बा के एक छोटे से कस्बे भरमोर में स्थित है। यह मंदिर देखने में तो काफी छोटा है। लेकिन इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। कहा जाता है कि लोग इस मंदिर के अंदर जाने की गलती कभी नहीं करते हैं। वो बाहर से ही भगवान की प्रार्थना करके निकल जाते हैं।

यह मंदिर मृत्यु के देवता यमराज का है। यही वजह है कि लोग इस मंदिर के पास जाने से भी डरते हैं। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जो यमराज को समर्पित है। लोगों का कहना है कि इस मंदिर को यमराज के लिए ही बनाया गया है। इसलिए इसके अंदर उनके अलावा और कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है।

वहां के लोगों का कहना है। कि इस मंदिर में चित्रगुप्त के लिए भी एक कमरा बनाया गया है। जिसमें वो इंसानों के अच्छे-बुरे कामों का लेखा-जोखा एक किताब में रखते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर के अंदर चार छिपे हुए दरवाजे हैं। जो कि सोने, चांदी, तांबे और लोहे के बने हुए हैं। माना जाता है कि जो लोग ज्यादा पाप करते हैं।

उनकी आत्मा लोहे के गेट से अंदर जाती है। और जिसने पुण्य किया हो, उसकी आत्मा सोने के गेट से अंदर जाती है। दरअसल, मनुष्यों की मृत्यु के पश्चात, पृथ्वी पर उनके द्वारा किए गये कार्यों के आधार पर उनके लिए स्वर्ग या नर्क का निर्णय लेने का अधिकार चित्रगुप्त के ही पास है। यह वहां के लोगो का मानना है।

वैसे कहा जाता है कि मंदिरों में लोग दुनियाभर की बलाओं और परेशानियों को दूर भगाने के लिए जाते हैं। कहा जाता है कि मंदिर के अंदर घुसने में भूतों और पिशाचों को डर लगता है लेकिन यहां ऐसा नहीं है। यहां सब कुछ उल्टा सा है।

यदि आप पत्रकारिता जगत से जुड़ना चाहते है तो, जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here