अमर भारती : गुजरात के सूरत में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। सूरत के औद्योगिक क्षेत्र हजीरा में एक बच्ची को हवस का शिकार बनाकर बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया गया।

सूरत पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन इस वारदात से एक बार फिर सूरत की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूरत शहर के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले एक मजदूर परिवार की 3 वर्षीय मासूम गुरुवार को अपने घर से शाम करीबन 4 बजे गायब हो गई थी। परिवार वालों ने उसे खोजने की बहुत कोशिश की लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। इसके बाद बच्ची के परिवार वालों ने स्थानीय हजीरा पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने बच्ची के परिवार की शिकायत लेकर परिवार के साथ बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी। पुलिस को किसी ने खबर दी कि खून से लथपथ एक बच्ची बबूल की झाड़ियों में पड़ी है। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। पीड़िता की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है।

बच्ची का परिवार हजीरा इलाके में मजदूरी करता है। जिन बबूल की झाड़ियों में हवस का शिकार बनाने के बाद बच्ची को फेंका गया था, उस जगह पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

सूरत में मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग वारदातों में मासूम बच्चियों को हवस का शिकार बनाया जा चुका है। अब फिर से एक 3 साल की मासूम के साथ हुई ऐसी वारदात के बाद सूरत की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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