अमर भारती : सवर्ण के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता दिख रहा था। काफी बहस के बाद यह बिल बुधवार की रात संविधान के 124वें संशोधन के लिए राज्यसभा से बिल पास हो गया है।बता दें कि इस संशोधन के बाद आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा।

बुधवार को राज्यसभा से पास होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास सीधे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस विधेयक पर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद सभी राज्य सरकार इसके आधार पर आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और नौकरियों में 10 प्रतिशत तक आरक्षण दे पाएंगे।

राष्ट्रपति के पास जाएगा बिल

राज्यसभा से पास होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही इसमें संविधान संशोधन संभव हो पाएगा।

 इस विधेयक में आरक्षण के लिए संशोधन जरूरी है। ऐसे में अब सरकार के पास दो रास्ते हैं। पहला कानून बनाकर जो कि इसमें काफी समय लगेगा। दूसरा शासकीय आदेश से तुरंत लागू हो सकता है।

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