अमर भारती : थल सेना प्रमुख बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा की चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं को भारतीय सेना ने बेहतर तरीके से संभाला है और चिंता की कोई वजह नहीं हैं। रावत ने अपने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में स्थिति को और सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में शांति के लिए हम केवल समन्वयक हैं।

अफगानिस्तान, तालिबान, अमेरिका और रूस की बातचीत पर जनरल रावत ने कहा, अफगानिस्तान हमारे हित में हैं। हम इससे अलग नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, यह स्थिति जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं की जा सकती। राज्य में हमारी शर्तों पर ही बातचीत होगी। थल सेना प्रमुख ने कहा कि बातचीत और आतंक एक साथ नहीं चल सकता, यह जम्मू कश्मीर पर भी लागू होता है।

Army Chief Gen Bipin Rawat in Delhi: Situation in J&K needs to be brought under better control.We’re adopting hard power&soft power approach.But the offer to terrorists to come over ground,look at peace is always there as who is getting affected by this? Ppl of Kashmir themselves pic.twitter.com/viEJcQz62A

— ANI (@ANI) January 10, 2019

सेनाध्यक्ष ने कहा की 20 जनवरी को सेना की नॉदर्न कमांड को नई स्नाइपर राइफल मिल जाएंगी। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर की परिस्थिति को बेहतर नियंत्रण में लाया जाना चाहिए। हम हार्ड पावर और सॉफ्ट पावर के दृष्टिकोण को अपना रहे हैं। लेकिन आतंकियों को जमीन पर आने की पेशकश की गई है। इससे कौन प्रभावित हो रहा है? कश्मीर के लोग खुद।

बिपिन रावत ने कहा, ‘मैंने इस बात को देखा है कि हमारे कुछ वरिष्ठों में एकता नहीं है। मुझे लगता है कि उनमें एकता होनी चाहिए। हमारे वरिष्ठों का एक बहुत मजबूत समुदाय है जिसकी जरुरत मुख्यधारा के समर्थन में है। ऐसा तभी हो सकता है जब सभी एक रहें और उनमें एकता बनी रहे।’ हुर्रियत पर उन्होंने कहा, ‘हमारा रुख एकदम साफ है कि बंदूक छोड़िए और पश्चिमी पड़ोसी से समर्थन लेना छोड़ दें। बातचीत तभी हो सकती है जब हिंसा का रास्ता छोड़ दिया जाए।’

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