अमर भारती : आज भारत में अधिकतर लोग डिजिटल वॉलेट जैसे, पेटीएम, मोबिक्विक, फोनपे और अमेजॉन पे, जैसे ऐप इस्तेमाल करते है। आप ही में से कई लोग ऐसे होंगे जिनके वॉलेट से कई बार पैसे गायब हो गए और तमाम शिकायत करने के बाद भी उन्हें पैसे वापस नहीं मिले। आप लोगों की इसी समस्या को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नई गाइडलाइन जारी की है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

जानकारी के मुताबिक आरबीआई की नई गाइडलाइन से मोबाइल वॉलेट की सुविधा देने वाली सभी कंपनियों को शिकायत के लिए एसएमएस अलर्ट, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जारी करनी होगी।

जितने भी मोबाइल वॉलेट यूजर्स को किसी भी प्रकार के ट्रांजेक्शन के लिए SMS अलर्ट एक्टिव करना अनिवार्य होगा। मोबाइल वॉलेट कंपनियों के लिए ऐसे में एक जिम्मेदारी है कि वे अपने ग्राहकों से मोबाइल नंबर और ई-आईडी लें और उस पर ट्रांजेक्शन की जानकारी दें।

मोबाइल वॉलेट कंपनियों को ग्राहकों के लिए 24 घंटे, 7 दिन ग्राहक सेवा केंद्र की सुविधा देनी होगी ताकि ग्राहक किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में शिकायत कर सकें। RBI ने अपनी गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर कंपनियों की लापरवाही से उपभोक्ता के मोबाइल वॉलेट से अवैध लेनदेन होता है तो उसकी देयता शून्य होगी और उपभोक्ता को फर्जीवाड़े की रकम नहीं चुकानी पड़ेगी। इसकी भरपाई कंपनी करेगी।

अगर किसी कारणवश मोबाइल वॉलेट यूजर के साथ पैसे की धोखाधड़ी होती है तो उसकी भरपाई तीन दिन के अंदर करना होगा और यह भरपाई मोबाइल वॉलेट कंपनियां करेंगी। यदि किसी कारण से मोबाइल वॉलेट इस्तेमाल करने वाला वॉलेट से हुए अवैध निकासी या धोखाधड़ी की शिकायत नहीं भी करता है तो कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे उसके पैसे वापस करें।

मोबाइल वॉलेट से हुई किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत का समाधान 90 दिनों के अंदर करना होगा। इसके साथ ही रिफंड की समस्या का समाधान 10 दिनों के अंदर करना होगा।

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