अमर भारती : संसद भवन का माहौल आज काफी हलचल वाला रहा। आज हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के प्रमुख आर. माधवन ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात की। माना जा रहा है कि राफेल विवाद और एचएएल के वित्तीय संकट के बीच यह मुलाकात महत्वपूर्ण है।

बताया जा रहा है कि एचएएल के पास केवल तीन महीनों तक अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए 1,000 करोड़ की राशि थी, साथ ही एचएएल के सबसे बड़े ग्राहक भारतीय वायु सेना ने अपने बकाया भी नहीं चुकाया हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत, वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ और नेवी प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा संसद भवन पहुंचे थे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्षों के आरोपों के मुताबिक रक्षा मंत्रालय और वायुसेना के अधिकारियों की जानकारी के बगैर डील में बदलाव करके एचएएल की जगह अनिल अंबानी की कंपनी को फ्रेंच कंपनी का ऑफसेट पार्टनर बना दिया। मोदी सरकार ने विपक्ष द्वारा लगाए भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को आधारहीन बता रही है।

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