अमर भारती : सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने के मुद्दे पर बुधवार को राज्यसभा में तीखी बहस हुई। सदन में चर्चा के दौरान जब समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव बोल रहे थे तब उनके और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बीच तीखी बहस छिड़ गई। रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार जो बिल ला रही है उससे कोई लाभ नहीं होगा, तब तुरंत अमित शाह ने उन्हें मुस्लिम आरक्षण की याद दिला दी।

दरअसल, सामान्य वर्ग को मिलने वाले 10 फीसदी आरक्षण के लिए पेश किए गए संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान रामगोपाल यादव ने कहा, ‘सरकार जो बिल ला रही है उससे कोई लाभ होने वाला नहीं है, जिन गरीबों के लिए सरकार बात कर रही है उन्हें लाभ ही नहीं मिलेगा।’

सपा नेता रामगोपाल यादव बोले, ‘…क्योंकि उन लड़कों की मेरिट जो आएगी वो तो काफी ऊपर आएगी। मतलब, जो मेरिट का आंकड़ा था वो आपने छोटा कर दिया, आपने मेरिट को शॉर्ट कट कर दिया और संख्या को बढ़ा दिया। एक साल बाद आपको असर दिखने लगेगा।

रामगोपाल यादव के इसी वाक्य के साथ ही बीच में टोकते हुए बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘मैंने बैठे हुए कोई टिप्पणी नहीं की, आप मेरिट की बात कर रहे हैं लेकिन जब आप मुस्लिम आरक्षण लाए तो तब क्या मेरिट की संख्या कम नहीं होगी। आप तो मुस्लिम आरक्षण ले आए, तो मेरिट के बच्चों का क्या होगा। आप अपना 2012 का मेनिफेस्टो देख लीजिए।’’

इस पर जवाब देते हुए रामगोपाल यादव ने कहा, ‘हमारे मेनिफेस्टो में तो आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग का आरक्षण देने के लिए केंद्र से अपील की भी बात थी।’

चर्चा के दौरान रामगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि सरकार यह बिल कभी भी ला सकती थी, लेकिन सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से गरीब सवर्ण नहीं बल्कि 2019 का चुनाव है। अगर इनके दिल में ईमानदारी होती तो 3-4 साल पहले ही यह बिल आ जाता।

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