अमर भारती : सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें सर्कुलेट करने के दावे किए जा रहे हैं कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए जिन ईंटो का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नाले बनाने में किया जा रहा है। इन तस्वीरों में दावा किया जा रहा है ‘जो ईंटें राम मंदिर के नाम पर इकट्ठा की गई थी।

वो अब यूपी सरकार के चहेते ठेकेदार द्वारा अयोध्या में नाली बनाने में उपयोग में आ रही हैं। धार्मिक आस्था का व्यावसायिक इस्तेमाल करना कोई बीजेपी से सीखे ‘सूचना के मुताबिक यह वायरल तस्वीरों में दिखाई जा रहीं ईंटों को कभी भी राम मंदिर निर्माण के लिए नहीं लाया गया। ये तस्वीरें दरअसल, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की हैं।

झूठे दावे के साथ ये तस्वीरें इंटरनेट पर पिछले कुछ दिनों से देखी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर हजारों की संख्या में इन तस्वीरों को शेयर किया जा रहा है।ये भी पता चला कि इन ईंटों की आपूर्ति जिस स्थानीय भट्टे से हुई उसका नाम ‘श्री राम खन्ना एंड कंपनी’ है। ईंट भट्टे के मालिक और सप्लॉयर अशोक कुमार खन्ना ने बताया कि वे बीते 35 साल से ईंटों के निर्माण का कारोबार कर रहे हैं।

खन्ना ने बताया, ‘मेरे पिता का नाम श्री राम खन्ना है, इसलिए हमारी ईंटों पर ‘श्री राम’ का नाम उभरा रहता है।विश्व हिन्दू परिषद की स्थानीय ईकाई ने क्षेत्र में नाले के निर्माण के दौरान ‘श्री राम’ के नाम वाली ईंटें इस्तेमाल किए जाने का विरोध किया था। अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास से बात की तो उन्होंने जोर दे कर इनकार किया कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए इकट्ठा की गई ईंटों का अन्यत्र कहीं इस्तेमाल किया जा रहा है।

आचार्य दास ने कहा, ‘ये पूरी तरह झूठ है। 1989 में शिला पूजन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों, यहां तक कि विदेश से भी ईंटें राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या लाई गई थीं। उन ईंटों पर विभिन्न भाषाओं और विभिन्न अंदाज में ‘श्री राम’ उकेरा हुआ था। उन ईंटों को कार्यशाला में देखा जा सकता है, उनकी पूरी सुरक्षा की जा रही है और उनका इस्तेमाल राम मंदिर निर्माण में किया जाएगा।

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