अमर भारती : सुप्रीम कोर्ट ने आईटी अधिनियम की धारा 66 ए के तहत की गई गिरफ्तारी को रोकने के लिए उचित कदम न उठाने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई। न्यायलय ने गिरफ्तारी का दावा करने वाली जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र को चार हफ्तों की समय सीमा दी है।

न्यायमूर्ति जस्टिस नरीमन ने कहा, ‘यदि इन्होंने जो आरोप लगाए हैं वह सही हैं तो आप लोगों को कड़ी से कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने उन लोगों की सूची दी है जिन पर मुकदमा चलाया गया है। हम उन सभी लोगों को जेल में भेज देंगे जिन्होंने गिरफ्तारी का आदेश दिया था। हम सख्त कदम उठाने वाले हैं।’

कोर्ट ने कहा कि अगर आईटी कानून की धारा 66ए को समाप्त करने के उसके आदेश का उल्लंघन किया गया तो संबंधित अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पीयूसीएल ने कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा है कि शीर्ष अदालत द्वारा आईटी कानून की धारा 66ए को समाप्त करने के बाद 22 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे दायर किए गए हैं।

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