अमर भारती : संसद का शीतकालीन सत्र मोदी सरकार के लिए काफी अहम है पर यह सत्र भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढता हुआ दिख रहा है। ऐसे में लोकसभा की कार्यवाही कई विधेयकों के चलते काफी अहम है। वहीं कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने अपने कुछ सांसदों को आज लोकसभा में पेश होने के लिए तीन-लाइन का व्हिप जारी किया है।

नागरिकता संशोधन विधेयक पर लोकसभा में सोमवार को पेश होने जा रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की अंतिम रिपोर्ट में कम से कम चार विपक्षी दलों की सहमति नहीं है और इस समिति में उनके प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट में अपना विरोध दर्ज कराया है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने इस विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट में अपनी असहमति दर्ज करायी है।

असहमति भरे नोट में से एक में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 पर संयुक्त समिति के सदस्य के तौर पर हम कह सकते हैं कि अंतिम रिपोर्ट में समिति में आम सहमति नहीं थी। हम इस विधेयक के विरुद्ध हैं क्योंकि यह असम में जातीय विभाजन को सतह पर लाता है।

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