अमर भारती : राफेल मामले पर राजनीति काफी जोरशोर पर है। राफेल डील को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर आरोप लगाया गया है। उन्होंने रक्षा मंत्री को कहा है कि कल संसद में हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को एक करोड़ रुपये देने से संबंधित दस्तावेज पेश करने चाहिए, नहीं तो वे इस्तीफा दें।

राहुल ने ट्वीट के जरिए कहा है, “जब आप एक झूठ बोलते हैं तो आपको पहले झूठ को छिपाने के लिए और झूठ बोलने से बचना चाहिए। प्रधानमंत्री के राफेल झूठ का बचाव करने के चक्कर में रक्षा मंत्री ने  संसद में झूठ बोला।”

वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपने शासनकाल में एचएएल का समर्थन नहीं किया और सरकार अब रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम को मजबूत कर रही है।

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी एचएएल वित्तीय संकट से जूझ रही है और अपने कर्मियों को तनख्वाह देने के लिए धन उधार लेने  को मजबूर है।

इस मामले पर इससे पहले पार्टी के प्रवक्त रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी रक्षा मंत्री पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “रक्षा मंत्री के झूठ का पर्दाफाश हो गया है। रक्षामंत्री ने दावा किया था कि एचएएल को एक लाख करोड़ रुपये का प्रोक्योरमेंट ऑर्डर दिया गया था।

लेकिन एचएएल का कहना है कि उसे एक भी पैसा नहीं मिला, जैसा कि एक सौदा भी उसके साथ नहीं हुआ। कर्मियों को सैलरी देने के लिए एचएएल 1000 करोड़ रुपये का लोन लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।”

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