अमर भारती : लोकसभा चुनाव में अब चंद महीने का ही समय बचा है और इससे पहले सभी राजनीतिक दल अपनी संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं और एक-दूसरे के साथ गठबंधन करने की कोशिश में हैं। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के साथ लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में गठबंधन का ऐलान किया है।

आपको बता दें की उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र दूसरा लोकसभा की अधिक सीटो वाला प्रदेश है यहां 48 लोकसभा सीटें हैं और दोनों दलों के बीच 40 सीटों पर साथ लड़ने के फैसले के बाद अब एनसीपी और कांग्रेस 20-20 सीटों पर साथ चुनाव लड़ेंगे। दोनों दलों ने तय किया है की महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए एक साथ लड़ने का फैसला लिया है। 2014 में कांग्रेस ने 26 और एनसीपी ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे।

बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन पर संकट

इस बीच महाराष्ट्र में सत्तारुढ़ बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन के भविष्य पर संकट बना हुआ है तो दूसरी ओर कांग्रेस और एनसीपी के बीच महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों का बंटवारा हो गया है। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच लंबे समय से गठबंधन है और दोनों पार्टियां लगातार मिलकर चुनाव लड़ती रही हैं।

शिवसेना गठबंधन में रहते हुए लगातार बयानबाजी करते हुए अपनी सीमा लांघ रही है। उद्धव ठाकरे भी अपनी कई रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के नारे-चौकीदार चोर है, का इस्तेमाल किया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र में अपने सभी सांसदों से राज्य में अकेले ही लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने का निर्देश दिया है।

2014 के लोकसभा चुनाव के परीणाम

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 48 में से 40 पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को 22, जबकि शिवसेना को 18 सीटें मिली थी। कांग्रेस को तब सिर्फ 2 सीटों और एनसीपी को 5 सीटों पर जीत मिली थी। इस बीच महाराष्ट्र में सत्तारुढ़ बीजेपी और शिवसेना के बीच गठबंधन के भविष्य पर संकट बना हुआ है।

तो दूसरी ओर कांग्रेस और एनसीपी के बीच महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों का बंटवारा हो गया है। अब आने वाला समय ही बतायेगा की कोन 2019 में पास होता है कोन फेल होता है। ये महाराष्ट्र की जनता तय करेगी।

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