अमर भारती : भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खराब रोशनी के कारण रोक दिया गया। पहली पारी में भारत के 622 रन के जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने छह विकेट गंवाने के बाद 236 रन बना लिए हैं। फिलहाल क्रीज पर पैट कमिंस (25) और पीटर हैंड्सकॉम्ब (28) रन बनाकर नाबाद खेल रहे हैं।

भारत अब भी ऑस्ट्रेलिया से 386 रन आगे है. भारत ने अपनी पहली पारी सात विकेट पर 622 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी। बारिश के कारण तीसरे दिन लगभग 16 ओवर का खेल नहीं हो पाया और अब चौथे दिन का खेल आधा घंटा पहले शुरू होगा।

ऐसे में देखना है कि पीटर हैंड्सकॉम्ब (नाबाद 28) और पैट कमिंस (नाबाद 25) ऑस्ट्रेलियाई संघर्ष को कहां तक खींच पाते हैं। इन दोनों ने अब तक सातवें विकेट के लिए 38 रन जोड़े हैं। चौथे और पांचवें दिन का खेल आधा घंटा पहले यानी भारतीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे से शुरू होगा। ऑस्ट्रेलिया अभी भी भारत से 386 रन पीछे है। ऑस्ट्रेलिया पर फॉलोऑन का खतरा भी मंडराने लगा है।

SCG की पिच से भारतीय तेज गेंदबाजों मोहम्मद शमी (54 रन देकर एक विकेट) और जसप्रीत बुमराह (43 रन देकर कोई विकेट नहीं) को खास मदद नहीं मिली, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर जडेजा (62 रन देकर दो) और चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव (71 रन देकर तीन) ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की नाक में दम किए रखा।

सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस (79) ने पहले सेशन में साहसिक बल्लेबाजी की, लेकिन दूसरे सेशन में उनके भी पांव उखड़ गए। यही हाल उस्मान ख्वाजा (27) और मार्नस लाबुशेन (38) का रहा जो क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बावजूद लंबी पारी नहीं खेल पाए जिसकी ऑस्ट्रेलिया को जरूरत थी। नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया बड़ी साझेदारी के लिए तरसता रहा।

हैरिस और ख्वाजा ने पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े, लेकिन इसके बाद कोई भी अच्छी साझेदारी नहीं निभाई गई। ऑस्ट्रेलिया ने सुबह बिना किसी नुकसान के 24 रन से आगे खेलते हुए सकारात्मक शुरुआत की थी। भारत के लिए सुबह के पांचवें ओवर में ही जडेजा ने गेंद संभाल ली थी, जबकि इसके तीन ओवर बाद कुलदीप गेंदबाजी के लिए आ गए थे। भारत को पहली सफलता कुलदीप ने ही दिलाई।

ख्वाजा ने ढीला शॉट खेलकर एकतरह से अपना विकेट इनाम में दिया। चेतेश्वर पुजारा ने मिड विकेट पर आसान कैच लिया। लंच के बाद भारत ने शानदार शुरुआत की और हैरिस अपने पांव फिर से जमा पाते इससे पहले उन्हें पवेलियन भेज दिया। दूसरे सत्र के तीसरे ओवर में उन्होंने जडेजा की गेंद विकेटों पर खेल दी। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने जल्द ही भारत को शॉन मार्श (8) के रूप में एक और सफलता दिलाई जिन्होंने स्लिप में रहाणे को कैच थमाया।

ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से दबाव में आ गई थी और ऐसे में जहां रन गति धीमी पड़ी वहीं भारतीयों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। अंजिक्य रहाणे ने शमी की गेंद पर लाबुशेन का शॉर्ट मिडविकेट पर बेहतरीन केच लपका।

ट्रेविस हेड ने हैंड्सकॉम्ब के साथ पांचवें विकेट के लिए 40 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलियाई टीम को कुछ राहत दिलाई, लेकिन जब लग रहा था कि वे क्रीज पर पांव जमा रहे हैं तब हेड ने कुलदीप की फुलटॉस को गेंदबाज की तरफ खेल दिया जिन्होंने उसे कैच में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की।

इसके बाद क्रीज पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान टिम पेन भी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक पाए। टिम पेन (5) कुलदीप यादव की गेंद पर चकमा खा गए और क्लीन बोल्ड होकर वापस पवेलियन लौट गए।