अमर भारती : बुधवार तड़के सुबह केरल के सबरीमाला मंदिर में भारी विरोध के बीच 50 वर्ष से कम उम्र की दो महिलाओं ने प्रवेश कर इतिहास रच दिया। भगवान अयप्पा के दर्शन करके सालों पुरानी परंपरा तोड़ दी। बिंदु और कनकदुर्गा नाम की इन महिला भक्तों ने सुबह 3:45 बजे मंदिर में जाकर दर्शन किया।

बता दें कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 10-50 साल की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है। हालांकि इस फैसले के बाद भी अभी तक कोई भी ‘प्रतिबंधित’ उम्र की महिलाएं अयप्पा के दर्शन नहीं कर पाई हैं। कई महिला कार्यकर्ताओं ने भी मंदिर में प्रवेश की कोशिश की थीं लेकिन भारी विरोध के कारण वे ऐसा नहीं कर पाईं।

बताया जा रहा है कि ये महिलाएं पुलिस की टुकड़ी के साथ थीं। पुलिसकर्मी वर्दी और सादे ड्रेस में थे। एक वीडियो भी जारी हुआ

है। इसके मुताबिक, जिन दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया है, उसमें से एक का नाम बिंदु और दूसरी महिला का नाम कनकदुर्गा है।

इससे पहले भी हुई थी कोशिश

23 दिसंबर को 11 महिलाओं के एक समूह ने भी मंदिर जाने की कोशिश की थी, लेकिन उनका विरोध हुआ। महिलाओं के इस समूह का नेतृत्व सेल्वी कर रही थीं, जिनका संबंध तमिलनाडु के मनिति महिला समूह से है। भक्तों द्वारा पहाड़ी पर चढ़ने से उन्हें रोकने और भगाने पर इन महिलाओं को पंबा से मदुरै के लिए वापस जाने को बाध्य होना पड़ा।

10 से 50 साल के बीच की उम्र वाली ये 11 महिलाएं भगवान अय्यपा के दर्शन के लिए पंबा शहर सुबह 5.30 बजे पहुंच गई थीं। ये महिलाएं रविवार सुबह 11 बजे पंबी में ही बैठी रहीं और पहाड़ी की चढ़ाई के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग करती रहीं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हर उम्र की महिलाओं को मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने का आदेश दिया है, बावजूद इसके भगवान अयप्पा के भक्त महिलाओं को एंट्री नहीं दे रहे हैं।

आखिर क्या है सबरीमाला मामला

आपको बता दें कि केरल स्थित सबरीमाला मंदिर में 10 साल लेकर 50 साल वर्ष तक की उम्र की महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित था। परंपरा के अनुसार माना जाता था कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे और जो महिलाएं रजस्वला होती हैं उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होनी चाहिए।

इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, सुप्रीम कोर्ट ने 5 जजों की पीठ बनाई थी। इसने 4-1 से फैसला दिया था कि सबरीमाला मंदिर में किसी भी आयु वर्ग की महिला को प्रवेश से रोका नहीं जा सकता।

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