अमर भारती : सरकार अश्लीलता परोसने वाली वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स के खिलाफ कड़े कदम उठाने जा रही है। सरकार ने इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 (आईटी एक्ट) में बदलाव की तैयारियों को पूरा कर लिया है। हालांकि संशोधित आईटी एक्ट कब से लागू होगा इसकी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। सरकार द्वारा इस बड़े बदलाव के बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी और फर्जी खबरों को फैलाने वाले ऐप व वेबसाइट पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी और इन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जा सकेगा।

कानून के उल्लंघन पर देना होगा 15 करोड़ का जुर्माना

संशोधित नियम के अनुसार यदि कोई मोबाइल ऐप या वेबसाइट आईटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन करेगी तो उन पर 15 करोड़ तक का जुर्माना या पूरी दुनिया में होने वाली कमाई का 4 फीसदी बतौर जुर्माना देना पड़ेगा। सराकर आईटी एक्स 69ए के तहत किसी भी वेबसाइट और ऐप को बंद करने का आदेश दे सकती है। 

आपको बता दें कि पिछले सप्ताह ही सरकार ने इस मामले को लेकर बैठक की थी जिसमें साइबर लॉ डिवीजन, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, इंटरनेट सेवा प्रदाता संघ के अधिकारी, गूगल, फेसबुक, व्हाट्सऐप, अमेजन, याहू, ट्विटर, शेयरचैट और सेबी के प्रतिनिधी शामिल थे।

ये सभी कंपनियां भारत में अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी। साथ ही इन कंपनियों को 180 दिनों का पूरी लेखा-जोखा भी रिकॉर्ड के रूप में रखना होगा। इस अधिनियम के लागू होने के बाद फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप, शेयरचैट, गूगल, अमेजॉन, और याहू जैसी कंपनियों को सरकार द्वारा पूछे गए किसी मैसेज के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।

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