अमर भारती : मेघालय में कोयले की खदान में फंसे 15 लोगों को बचाने के लिए भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को भुवनेश्वर से गुवाहाटी के लिए एक विशेष एयरक्राफ्ट तैनात किया है। जो कि, एनडीआरएफ के जवानों और हाई पावर पंप समेत अन्य जरूरी उपकरणों के साथ भुवनेश्वर के लिए उड़ान भर चुका है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने गुरुवार को मीडिया की उन खबरों का खंडन किया जिसमें यह कहा गया था कि खदान में फंसे मजदूरों की मौत हो जाने का संदेह है क्योंकि एनडीआरएफ के गोताखोर जब खदान में उतरे थे।उन्होंने ‘दुर्गंध’महसूस की थी।

यहां बचाव अभियान चला रहे गुवाहाटी की एनडीआरएफ बटालियन ने एक बयान में कहा कि सहायक कमांडेंट संतोष कुमार सिंह के ‘दुर्गंध’ वाले बयान को मीडिया ने गलत तरीके से लिया। अपने बयान में उन्होंने ‘दुर्गंध’ काइस्तेमाल ‘ठहरे हुए पानी’ के संदर्भ में किया था।

एयरफोर्स के प्रवक्ता रत्नाकर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरएफ) ने एयरफोर्स से बचावकर्मियों को भुवनेश्वर से या तो गुवाहाटी तक या शिलांग हवाई अड्डे तक शुक्रवार को पहुंचाने का आग्रह किया है।

सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि जायजा लेने वाले अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। तलाशी और बचाव का काम शनिवार को रोक दिया गया था क्योंकि खदान में पानी का स्तर कम होता नहीं दिख रहा था।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने खनिकों को बचाने के लिए अतिरिक्त एनडीआरएफ की टीम को हाई पावर पंप समेतअन्य आधुनिक उपकरणों के साथ भेजने का फैसला लिया है।

एनडीआरएफ खदान से पानी निकालने के लिए पंपों का उपयोग कररही है,लेकिन कम क्षमता होने के कारण वह उपकरण पानी निकासी में असमर्थ साबित हुए।

वहीं वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पास की एक नदी से खदान में लगातार पानी आ रहा है, जिससे वहां गोताखोरों का काम करना भीअसुरक्षित हो गया है। हाई पावर पंप आने में बहुत देर हो चुकी है

मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस घटना के बारे में मुलाकात की है। हालांकि इस बैठक की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।

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