अमर भारती : हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड रिश्वत मामले का आरोपी और क्रिश्चियन मिशेल को लंबी कोशिशों के बाद यूएई से प्रत्यापित कर भारत लाया गया था। मिशेल को राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद से वह सीबीआई की कस्टडी में है। सीबीआई पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार से जांच एजेंसी के विशेष वकील डीपी सिंह ने कहा कि मिशेल पर 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में करीब 37.7 मिलियन यूरो यानी 225 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।

पूछताछ में मिशेल की एक चिट्ठी सामने आई है जो कई तरह के खुलासे कर रही है। ये चिट्ठी फिनमेकैनिका कंपनी के CEO जुगेपी ओरसी को लिखी गई थी, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर दबाव बनवाया था। इसमें ये भी खुलासा हुआ है कि इस डील से जुड़ी सभी जानकारी मिशेल को संबंधित मंत्रालयों से मिल रही थी। यह मामला 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़ा है।

इस डील को करने वाली फिनमेकेनिका कंपनी को ठेका देने के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ान की अधिकतम सीमा को घटाने का आरोप लगा था। सीबीआई का आरोप था कि उड़ान की ऊंचाई की सीमा घटाने के लिए कई सौ करोड़ रुपये की घूस दी गई। एजेंसी का आरोप है कि ऊंचाई की अधिकतम सीमा तत्कालीन वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी की सहमति से कम की गई थी। 28 अगस्त, 2009 को लिखी गई इस चिट्ठी के अनुसार, मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड डील से जुड़ी सभी जानकारियां प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय समेत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रही थी।

इतना ही नहीं उसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की मुलाकात के बारे में भी पता था। 2012 में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल का नाम अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में सौदा कराने और भारतीय अधिकारियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने वाले 3 बिचौलियों में से एक के रूप में सामने आया था। अन्य 2 बिचौलियों के नाम राल्फ गिडो हैस्के और कार्लो गेरोसा है। यह पूरा सौदा करीब 3,600 करोड़ रुपये का था। लेकिन वहीं सवाल भारतीय वायुसेना व देश की रक्षा-सुरक्षा के लिए उठता है। 

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