अमर भारती : ऑनलाइन कंपनियों के लिए को अब नुकसान उठाना पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने बुधवार को एक आदेश जारी करते हुए इस तरह की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। सरकार के इस कदम से खुदरा व्यापारियों को समान प्रतिस्पर्धा का मौका मिल सकेगा। अब तक ऐसे किसी कानून के न होने से ऑनलाइन मार्केट में एक्सक्लूसिव उत्पादों के सेल लगाकर कंपनियां मोटा कमा रहीं थीं।

 दरअसल, कंपनियां बाजार में अच्छी कंपनियों के आने वाले प्रमुख उत्पाद की एक्सक्लूसिव सेल लगाती थीं। इससे एक तरफ उत्पाद निर्माता कंपनी का मुफ्त में प्रचार हो जाता था, और वहीं ट्रांसपोर्टेशन और अन्य कीमत न होने से ऑन-लाइन कंपनियों को उत्पाद का मूल्य कम पड़ता था।

इससे उत्पाद निर्माता कंपनी और ऑनलाइन मार्केटिंग करने वाली कंपनी दोनों को लाभ हो रहा था। इस वर्ग में खासकर इलेक्ट्रॉनिक सामानों को अधिक बेचा जा रहा था। ऐसे में खुदरा व्यापारियों का बिजनेस की स्थिति ठप हो गई थी। इससे बचने के लिए व्यापारियों ने सरकार से गुहार लगाई थी। कि इसके लिए कोई आदेश जारी किया जाए।

आज के समय में इंटरनेट सेवा का बाजार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिसके वजह से देश में चौथी श्रेणी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसी के साथ ऑनलाइन बाजार प्रति वर्ष आठ से दस फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा है। 2013 में भारत में 2.3 बिलियन डालर का ऑनलाइन बिजनेस हुआ था। आने वाले समय में चीजों की बिक्री ऑन लाइन बढ़ने और खुदरा बाजार का नुकसान होने की संभावना लगातार बढ़ रही थी। इसलिए भी सही समय पर ऑनलाइन बाजार से जुड़े नियम कायदे सबके हित में बनाने की मांग उठ रही थी।

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