अमर भारती : उत्तर प्रदेश में दबंगई और गंडागर्दी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अमरोहा से आया है। आपको बता दें कि धनौरा थाने में तीन दिन से पुलिस हिरासत में थाने के लॉकअप में बंद युवक की मौत हो गई। जिसके बाद युवक की मौत की जानकारी मिलते ही उसके परिजन और मौजूदा भीड़ भड़क उठी।

गुस्साई भीड़ ने पहले पुलिस चौकी को घेरा फिर गजरौला चांदपुर रोड को जाम कर दिया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस कर्मियों के साथ साथ एसडीएम को दौड़ाया। और थाने के पास मौजूदा गाड़ीयों में जमकर तोड़फोड़ की। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से एसडीएम ने एक घर मे घुसकर जान बचाई।

मृतक धनौरा के गांव बसी मुस्तकम निवासी बाल किशन के पुत्र सुखीराम जाटव है। परिजनों के मुताबिक रविवार की रात को थाना पुलिस बाल किशन को घर से उठाकर कर ले गई थी। और उन्हें छोड़ने के बदले पांच लाख रूपये की मांग कर रहे थे। आपके बता दें कि मृतकों के परिजनों ने मंगलवार की रात ही पुलिस को एक लाख रुपए दे दिए थे।

सुबह नौ बजे मालूम चला कि युवक की मौत हो गई है। एएसपी ब्रजेश कुमार ने भीड़ को समझाने के कई बार प्रयास किए लेकिन भीड़ पहले शव लाने और एसएचओ सहित पांच आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा द्रज करने की जिद पर अड़ी है।

जितेंदर

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