अमर भारती : विश्वभर में भारत की पहचान एक सबसे बड़े लोकतंत्रिक देश के तौर पर की जाती है कहा जाता है। यहां लोकतंत्र के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं। कांग्रेस की तीन राज्यों में जीत के बाद आज छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कैबिनेट का विस्तार हुआ है। इस दौरान शपथ ग्रहण के समय सभी विधायकों ने हिंदी में शपथ लिया मगर कोंटा के विधायक कवासी लखमा अपना शपथ भी नहीं पाए और उनकी शपथ को राजयपाल ने पूरी कराई।

शपथ ग्रहण मंच पर जब विधायक कवासी लखमा का नाम पुकारा गया तो वह शपथ ग्रहण करने के लिए आए पर औपचारिक शिक्षा न होने के वजह से वह खुद शपथ नहीं पढ़ सके। जिसके बाद छत्तीसगढ़ की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पूरी शपथ पढ़ी। विधायक लखमा इस दौरान राज्यपाल के पीछे-पीछे शपथ दोहराते नजर आए।

आपको बता दें कि अनुसूचित जाति से आने वाले लखमा राज्य के गठन के बाद से ही लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। वह बस्तर की कोंटा से विधायक है। विधायक लखमा ने औपचारिक शिक्षा भले ही न ली हो पर इसके बावजूद भी वह न्यूजीलैण्ड, आस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे कई देशों की यात्रा कर चुके हैं।

इस तरह के नजारे इससे पहले भी देखे जा चुके हैं। 2015 में बिहार में महागठबंधन की सरकार के गठन के दौरान लालू के लाल तेजप्रताप यादव भी अपनी शपथ ठीक ढंग से नहीं पढ़ पाए थे। तेजप्रताप उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, शपथ के दौरान वह अपेक्षा को उपेक्षा पढ़ गए जिस पर बिहार के तत्कालीन राज्यपाल राम नाथ कोविंद ने दोबारा शुरू से शपथ पढ़ने को कहा था।

यदि आप पत्रकारिता जगत से जुड़ना चाहते है तो, जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से: 

यह भी देखें-छ