अमर भारती : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को  कहा कि धर्म सिर्फ किताबों में पढ़ने तक सीमित नहीं है बल्कि इसे जिंदगी जीने के तरीकों में भी में लागू करना चाहिए और इंसानों को इंसानों की तरह व्यवहार करना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा, ‘देश में सशक्त संविधान और कानून है पर लोगों में संवेदनशीलत की कमी के कारण ये प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाते हैं।

उन्होनें कहा कि किसी शख्स का सार्वजनिक व्यवहार समाज पर असर डालता है और दूसरे उसका अनुपालन करते हैं। मोहन भागवत ने यह बातें नूतन गुलगुले फाउंडेशन के एक समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कही। भागवत ने कहा कि यह फाउंडेशन दिव्यांग लोगों के कल्याण के लिए काम करता है। पूजा आस्था का विषय है, मानवता धर्म एक शख्स के चरित्र और व्यवहार में प्रदर्शित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक शख्स का चरित्र इस तरह का होना चाहिए कि वह मानवता के धर्म को हासिल कर लें और हर किसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह दिव्यांगो के लिए जो कुछ कर सकते हैं जरूर करें।

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