अमर भारती : मुंबई में रहने वाला हामिद 27 साल पहले एक साफ्टवेयर इंजीनियर था। 33 साल के हामिद अंसारी की तुलना सोशल मीडिया पर लोग फिल्म वीरजारा के शाहरूख खान से कर रहे हैं, जो अपने प्यार के लिए पाकिस्तान पहुंच जाता है। पाकिस्तान में उसे जासूस होने का आरोप लगाकर जेल में कैद कर दिया जाता है।

दरअसल, साल 2012 में हामिद की दोस्ती फेसबुक पर एक पाकिस्तानी लड़की सबा से दोस्ती हुई और
दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया, लेकिन लड़की के घरवाले उसकी शादी कहीं और करना चाहते थे। जिसके लिए वो तैयार नहीं थी क्योकि वो हामिद से शादी करना चाहती थी और उसने हामिद से मदद मांगी। हामिद को लगा कि उसे लड़की की मदद करनी चाहिए।

हामिद ने वीजा के लिए पाकिस्तानी हाईकमीशन में अर्जी दी, मगर वहां समय लगा रहा था। उधर लड़की की शादी की तारीखें नजदीक आ रहीं थी। ऐसे में हामिद की मदद करने एक पाकिस्तानी दोस्त आया, इससे भी हामिद की दोस्ती ऑनलाइन हुई थी।

हामिद उस समय भावनाओं में बहुत बहा हुआ था और उस  पाकिस्तानी दोस्त ने हामिद को सलाह दी कि वो अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में घुसे जाए। उसने दोस्त की बात मान ली और अफगानिस्तान से पेशावर पहुंच गया।

हामिद के मुताबिक इसी दोस्त ने उसकी पीठ में छुरा घोंप दिया। हामिद को उसने फेक आईडी दी और फिर पाकिस्तानी एजेंसियों को खबर करके हामिद को पकड़वा दिया। फिर उसके साथ शुरू हुआ टार्चर का सिलसिला। वो तो भला हो कि उस पाकिस्तानी लड़की ने गवाही दी कि हामिद उससे फेसबुक पर मिला था और उसके लिए पाकिस्तान आया था, इसलिए हामिद पर सिर्फ फेक आईडी रखने का केस चला। वरना केस जासूसी का भी हो सकता था और हामिद की वतन वापसी कब होती कहना मुश्किल हो जाता।

आपको बता दें, कि 6 साल बाद हामिद अंसारी की वतन वापसी हो गई हैं। हामिद को लगता है कि उसने दिमाग से नहीं दिल से पाकिस्तान जाने का फैसला लिया था। इस गलती की उसे बहुत बड़ी सजा भुगतनी पड़ गई। अब वो नौकरी ढूंढकर शादी करना चाहता है, सैटल होना चाहता है। उसका कहना है कि अब वो लड़की मेरी जिंदगी का ‘Closed chapter’ है।

पाकिस्तानी मीडिया ने की मदद

हामिद के अनुसार पाकिस्तान में हामिद को अच्छे और बुरे दोनों लोग मिले। अनवर काजी औऱ रक्षंदा खान ने जिन्होंने कोर्ट में ये साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि हामिद जासूसी करने पाकिस्तान नहीं आया था।पाकिस्तान की मीडिया ने हामिद अंसारी के परिवार की बहुत मदद की। पहले उन्होंने खुद तथ्यों की जांच की। जब हामिद का पक्ष सही लगा तो मीडिया मजबूती के साथ हामिद के साथ खड़ी हुई।

तीन साल की सजा लेकिन छह साल की जेल

तीन साल की सुनवाई के बाद पाकिस्तानी मिलिट्री कोर्ट ने हामिद को साल 2015 में 3 साल की सजा सुनाई। तब तक पाकिस्तान ने माना ही नहीं था कि कोई भारतीय नागरिक उनके पास है। हामिद के वकीलों ने अपील कि वो तीन साल पहले ही जेल में काट चुका है, इसलिए उसे फिर से जेल में नहीं रखा जाए। लेकिन मिलिट्री कोर्ट ने ये बात नहीं मानी और कहा कि वो तब एक अंडरट्रायल के तौर पर रहा था। इस तरह 2018 तक हामिद अंसारी को जेल की सजा मिलिट्री कोर्ट ने सुनाई. हामिद की सजा पूरी हो रही थी, लेकिन पाकिस्तानी प्रशासन की तरफ से उसकी रिहाई के कोई संकेत नहीं दिख रहे थे। हामिद के वकीलों ने पेशावर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तब जाकर हामिद की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।

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