अमर भारती : झारखंड के दुमका क्षेत्र में प्रदर्शनकारी शिक्षकों का समुह रात भर मंत्री के घर के बाहर बैठे रहे। इस  प्रदर्शन में रातभर धरने पर बैठे 40 वर्षीय एक शिक्षक की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षक की मौत ठंड लगने से हुई है। सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान कंचन दास के तौर पर हुई है। वह अनुबंधित शिक्षक थे।

अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों ने शिक्षक को रविवार मृत घोषित कर दिया था पर प्रदर्शनकारियों दावा कर रहें कि शनिवार रात ठंड लगने से कंचन दास की मौत हुई हैं। दुमका के सिविल सर्जन ए के झा का कहना है कि उन्हें यह सूचना मिली है कि शनिवार को प्रदर्शन के दौरान एक शिक्षक की मौत हो गयी है।

झारखण्ड में अनुबंधित-शिक्षक अपनी सेवा को नियमित करने एवं अन्य मांगों को लेकर पिछले तीन महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। ये शिक्षक झारखंड की कल्याण मंत्री लुईस मरांडी के घर के बाहर 25 नवंबर से अनिश्चितकाल के लिये बारी-बारी से धरने पर बैठे थे।

प्रदर्शनकारी अन्य शिक्षकों ने बताया कि छह शिक्षकों के साथ कंचन दास शनिवार को धरने में शामिल हुए थे। सभी प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने मंत्री के घर के बाहर रात बितायी, लेकिन अगले दिन रविवार सुबह जब दास नहीं उठे तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौत की वजह पूछे जाने पर ए के झा का कहना था कि हम लोग अंत्यपरीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। तभी मौत के सही कारण की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट सोमवार को मिलने की संभावना है। झा ने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ वाले एक मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया। बोर्ड का गठन जिला प्रशासन ने रविवार को किया था।

दुमका पुलिस अधीक्षक वाई एस रमेश का कहना है कि धरना प्रदर्शन रविवार दोपहर को खत्म हो गया था। इस बीच मंत्री ने शिक्षक की मौत पर संवेदना प्रकट की और दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार से इस बारे में बात भी की।

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