अमर भारती : आज देश के पांच राज्यों में विधानसभा के चुनावी नतीजों की गिनती शुरू हो गई है, लेकिन ये चुनाव बीजेपी के लिए सिरदर्दी का सबब बन गया है। पांचो ही राज्यों में बीजेपी की तुलना में कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

राजस्थान विधानसभा चुनाव के रुझान आ चुके हैं और रुझानों की मानें तो राजस्थान में कांग्रेस की जीत हुई है। कांग्रेस राजस्थान में बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। अब अगर चुनावी नतजों की तस्वीर यही रहती है तो निश्चित रूप से कांग्रेस राजस्थान में सरकार बना लेगी। बीजेपी के पास मौका था राजस्थान के सियासी इतिहास को बदलने का, मगर सचिन पायलट और अशोक गहलोत की जोड़ी ने वसुंधरा राजे की सरकार को पटखनी दे दी और राजस्थान में कांग्रेस का राजतिलक करवा दिया।

चुनावी नतीजों में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार तो अब बनती दिख रही है, मगर कांग्रेस के भीतर असली माथा-पच्ची अब शुरू होने वाली है। आज के परिणाम के नतीजों से यह स्पष्ट हो चुका है कि राजस्थान में कांग्रेस का राजतिलक तो होगा, मगर सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि मुख्यमंत्री का ताज किसके सिर पर होगा, और इस सवाल पर अब तक कोई खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, यह बात तय है कि अशोक गहलोत या फिर सचिन पायलट में से ही कोई एक राजस्थान में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का दावेदार होगा। लेकिन सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों में से किसी एक को सीएम के रूप में चुनना इतना आसान भी नही हैं।

दरअसल, राजस्थान में कुल 199 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बहुमत के लिए 100 सीटों की जरूरत थी, जिसे कांग्रेस ने यह आंकड़ा आसानी से पार कर लिया। अलग-अलग चैनलों के एग्जिट पोल में भी कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल रहा था। मगर अब कांग्रेस के हाईकमान के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है कि आखिर वह किसे अपना मुख्यमंत्री बनाएगी।

वहीं, सचिन पायलट के लिए इसलिए भी सबसे ज्यादा कायास लगाए जा रहे हैं क्योंकि न वो सिर्फ राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, बल्कि वह यूवा चेहरा भी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस आला कमान सचिन पायलट को सीएम के रूप में ला सकती है। इसकी वजह यह भी है कि अशोक गहलोत राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

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