अमर भारती : पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद से ही भारतीय सेना में बदले की भावना धधक रही थी। उसके कुछ दिनों ही बाद उड़ी हमला आतंकी हमला हुआ इसके अलावा भी पाकिस्तान ने कई बार भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाया। हालातों को देखते हुए उड़ी पर हुए हमले के तुरंत बाद ही सरकार द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला ले लिया गया था। सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग दस दिन तक चली और 29 सितंबर, 2016 को भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंक के पनाहगार पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए उरी हमले का जवाब दे दिया था।

लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन को सार्वजनिक किया जाना सरकार का फैसला था, उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का राजनीतिकरण सही नहीं है। सेना बहुत से ऑपरेशन करती रहती है, लेकिन इन सैन्य अभियानों का इस्तेमाल यदि राजनीतिक फायदा लेने के लिए किया जाने लगेगा तो ये देश और सेना दोनों के लिए सही नहीं है।

जनरल हुड्डा ने कहा कि राजनीतिक और आर्मी के मुद्दों को अलग-अलग ही रखना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि सभी सैन्य ऑपरेशन्स को भी सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन इस ऑपरेशन की परिस्थितियों ही कुछ ऐसी थी कि इसे सार्वजनिक करना पड़ा

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