अमर भारती: उत्तर प्रदेश बुलंदशहर में गोकशी को लेकर हुई हिंसा में जान गवाने वाले  इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजन लगातार योगी आदित्यनाथ से मिलने की मांग कर रहे थे। सीएम योगी गुरुवार की सुबह इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के परिजनों से मुलाकात करेंगे। सोमवार सुबह बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में उपद्रवियों ने एक पुलिस चौकी को फूंक दिया था।

गुस्साए लोगों ने गोकशी का आरोप लगाते हुए पुलिस चौकी के पास प्रदर्शन किया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। इस हिंसक घटना ने सूबे में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी थीं। आनन-फानन में आलाअधिकारी मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर सुबोध की बहन मनीषा ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था। कि मेरे भाई की हत्या एक साजिश है जो अखलाक केस की जांच करने के चलते की गई है।

उनकी हत्या में पुलिस भी शामिल है। अगर पुलिस शामिल नहीं है तो मेरे भाई को अकेला क्यों छोड़ा गया? उन्होंने सवाल किया था कि मेरे भाई के साथ मौजूद दरोगा और ड्राइवर भाई को अकेला छोड़कर कहां चले गए थे। उन्होंने मांग की थी कि मेरे भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए और एटा के पैतृक गांव में उनका शहीद स्मारक बनाया जाए। सुबोध की बहन ने कहा कि हमारे पिता भी ऐसे ही ड्यूटी करने के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे।

योगेश राज को ही मुख्य आरोपी बनाया गया है। योगेश राज अभी फरार है। उसे बजरंग दल का नेता बताया जा रहा है। गोकशी मामले में दर्ज कराई गई एफआईआर में सात लोगों को नामजद किया गया है। इसमे दो नावालिग बच्चे बताये जा रहे हैं। जिनकी उम्र 10-12 साल बतायी जा रही है। वाकी के लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस पूरा प्रयास कर रही है।

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