अमर भारती : राजस्थान में हो रहे विधानसभा चुनाव में नेता वोटरों को लुभाने के लिए भगवान को भी जाति में भी बांटने से नहीं डर रहे हैं। अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिए बयान पर विवाद थमने का नाम भी नहीं ले रहा था कि अब बीजेपी के केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने हनुमान जी की जाति पर नया बयान देकर विवाद को हवा देने का काम कर दिया है।

अब हनुमान जी की जाति को लेकर मुख्यमंत्री योगी और मंत्री सत्यपाल सिंह आमने सामने आ गए हैं। सत्यपाल सिंह ने सीएम योगी जी के बयान जिसमें उन्होंने हनुमान जी को दलित कहा था के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि हनुमान जी दलित नहीं बल्कि आर्य थे।

सत्यपाल सिंह ने अपने बयान में आगे कि भगवान राम और हनुमान के युग के समय कोई जाति व्यवस्था नहीं थी। इसलिए हनुमान जी दलित हो ही नहीं सकते। उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम के युग में कोई भी कोई भी दलित, वंचित व शोषित जाति नहीं थी।

उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि अगर आप रामचरित मानस और वाल्मीकि रामायण पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा कि उस समय जाति व्यवस्था नहीं थी उस समय सिर्फ आर्य जाति के लोग ही थे और हनुमान जी भी उसी आर्य जाति के ही महापुरुष थे।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जी पर बयान देते हुए कहा था कि वे दलित जाति से आते थे। उन्होंने आगे कहा कि वे वंचित समाज से थे और वनवासी थे। जिस पर अभी विवाद चल ही रहा था कि अब उन्हीं के मंत्री सत्यपाल सिंह ने उनकी बात का खण्डन करते हुए कहा कि हनुमान जी आर्य थे न कि दलित और वनवासी थे।

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