अमर भारती : जी -20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की, इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कि इस साल कि यह चौथी मुलाकात थी।

प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अप्रैल के माह में चीनी शहर वुहान में हुई अपनी अनौपचारिक बैठक के बाद दो भी बार मिल चुके हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात जून के माह में चीन के चिंगदाओ में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में हुई थी। और फिरहाल ही में जुलाई में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दोनों की मुलाकात हुई थी।

Productive discussions between PM @narendramodi and President Xi Jinping in Buenos Aires. pic.twitter.com/DZKRQdLNPF

— PMO India (@PMOIndia) November 30, 2018

पीएम मोदी ने मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति से कहा कि वह अगले साल एक अनौपचारिक बैठक में उनकी मेजबानी करने की उम्मीद करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की बैठक हमारे संबंधों को मजबूत करने के परिपेक्ष में एक अहम दिशा प्रदान करेगी।पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह की पहल कि गति को बनाए रखने में हम भी मददगार है।

सऊदी क्राउन प्रिंस से भी हुई PM मोदी की मुलाकात

इससे पहले भी पीएम मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की थी। सऊदी अरब के आधिकारिक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेता जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में सलमान के आवास पर मुलाकात हुई थी।

सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, निवेश, कृषि, ऊर्जा, संस्कृति और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

निवेश के क्षेत्र को लेकर दोनों नेताओं ने बुनियादी ढांचा सेक्टर में सार्वजनिक निवेश के जरिये इन्वेस्टमेंट फंड पर बातचीत के साथ ही इस विषय पर भी चर्चा हुई कि कृषि उत्पादों को लेकर अवसरों को कैसे भुनाया जाए. ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम मोदी और सलमान के बीच हुई चर्चा के दौरान सऊदी अरब ने भारत को तेल और पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई का प्रस्ताव पेश किया।

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