अमर भारती : लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रह चुके तेजप्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि वो पत्नी से तलाक के मामले में पीछे नहीं हटेंगे। तेज प्रताप गुरुवार को पत्नी ऐश्वर्या से तलाक के मामले में फैमिली के साथ पटना कोर्ट में पेश हुए। प्रधान न्यायाधीश उमा शंकर द्विवेदी की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई।

तेजप्रताप के वकील ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 22 के तहत आवेदन देकर सुनवाई बंद कमरे में किए जाने की मांग की। जज ने इसे स्वीकार करते हुए हुए मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। कोर्ट ने ऐश्वर्या को भी नोटिस जारी किया है।

बीते दो नवंबर को तेजप्रताप यादव ने पटना के फैमिली कोर्ट में पत्नी ऐश्वईर्या राय से तलाक की अर्जी फाइल की। इसके बाद से परिवार में हर स्तेर पर उन्हें  समझाने का दौर लगातार जारी है, लेकिन वे अपनी जिद पर अड़े हैं। तब से वे घर से बाहर ही हैं।

 

गुरुवार को तलाक के मुकदमे की पहली सुनवाई के लिए लौटे भी तो घर नहीं आकर होटल में ठहरे है। दरअसल, तेजप्रताप तलाक की अर्जी दाखिल करने के दिन से यह संकेत दे रहे हैं कि वे अपने फैसले पर अटल हैं। वे अर्जी दाखिल करने के अगले दिन पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने रांची गए

तेजप्रताप- ऐश्वर्या तलाक मामले मे पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि शायद तेजप्रताप मान जाएं, लेकिन वे मुकदमे में दिल्लीऐ के बड़े वकील अमित खेमका के साथ पहुंचे थे। अगर मुकदमा वापस लेना था तो दिल्लीद के वकील की जरूरत नहीं थी। इस मामले में परिवार का दबाव ना पड़े, इसलिए वे घर से दूर है।

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