अमर भारती : पाकिस्तान के पीएम इमरान खान आतंकवाद को लेकर कुछ सख्ती में दिख रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जमीन का देश के बाहर आतंकवाद फैलाने के लिए इस्तेमाल होने की इजाजत देना हमारे हित में नहीं है। पाकिस्तान को अपनी सरजमीं से आतंकवादियों को मदद उपलब्ध कराना बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार बने 100 दिन हो गए हैं।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहते है। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग भारत के साथ शांति चाहते हैं। तथा उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने में खुशी होगी। खान ने कहा‘ यहां के लोगों की मानसिकता बदल चुकी है।

वहीं उन्होने कश्मीर के मुद्दे का समाधान संभव है। ‘कुछ भी असंभव नहीं है।’ उन्होंने कह मैं किसी भी मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार हूं। कश्मीर का हल एक सैन्य समाधान नहीं हो सकता।’ हालांकि उन्होंने कहा कि शांति के प्रयास एक तरफा नहीं हो सकते है।’ इसके लिए हम दोनों को सहमत होना पड़ेगा। उन्होंने मुंबई हमले के गुनाहगारों को सजा देने पर कहा, हाफिज सईद पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है।

जमात-उद-दावा प्रमुख पर पहले से ही शिकंजा कसा हुआ है। इमरान खान ने कहा कि हाफिद सईद, दाऊद इब्राहिम और आतंकवाद से जुड़े मुद्दे उन्हें खुद खल रहे हैं। वहीं उन्होने कहा कि इसके लिए मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनकी सरकार, सेना और सभी राजनीतिक पार्टियां भारत से रिश्ते सुधारने के लिए एक मत पर है।

पठानकोट एयरफोर्स बेस पर पाक की ओर हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से दोनों देशों के बीच बातचीत बंद किए जाने पर इमरान ने कहा कि जिस मुद्दे पर आज जहां भारत –पाकिस्तान खड़े है उसके लिए भारत और पाकिस्तान दोनों को एक साथ होना बहुत जरुरी है।

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