अमर भारती:पाकिस्तान की पहचान विश्वभर में एक आतंकवाद के पनाहगार व मुस्लिम बहुल देश के तौर पर जाना जाता है।  पाकिस्तान में हिंदुओ की स्थिति शुरूआत से ही खराब रही है। और हिंदुओं के प्रताड़ना की खबरें आए दिन खबरों में आती रहती है। वर्तमान स्थिति यहां हिंदू धर्म का अनुसरण करने वालों की संख्या कुल जनसंख्या का 1.6 फीसदी है।

भारत में अल्पसंख्यकों के आरक्षण के साथ और भी कई प्रकार की रियायतें मिलती है, पर पाकिस्तान में हिंदुओं के सुरक्षा को लेकर कोई बेहतर ध्यान नहीं दिया जाता। उनके घरों को लूटा जाता है। अगर धार्मिक स्थल की बात करें तो वह भी पाकिस्तान के अत्याचार की भेंट चढ़ चुकी है। हिंदुओं के कई धार्मिक स्थलों को धवस्त किया जाता है। शिकायतें करने पर भी कोई सुनवाई नहीं की जाती।

90 फीसदी हिंदुओं ने छोड़ा घर

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक बीते 50 वर्षो में पाकिस्तान में अधिकतर हिंदूओं ने अपने घरों को छोड़ा है। उनके पूजा पाठ के धार्मिक स्थलों को तोड़ दिया जाता है। ऐसी स्थिति में हिंदूओं की संपत्ति को जबरन लूट लिया जाता है।अधिकतर हिंदु मंदिरों को नष्ट किया जा चुका है

एक्सप्रेस ट्रिब्यून के रिर्पोट में यह बात सामने आई है कि 2014 के आकड़ों में 95 फीसदी हिंदू मंदिरों को धवस्त किया गया है। 1990 के बाद से अल्पसंखयकों के 428 पूजा स्थानों में  से 408 स्थलों को नष्ट किया गया है। और उनकी जगह समाधि, शौचालय, टॉय स्टोर, सरकरी दफ्तरों का निर्माण किया गया है। ताकि हिंदू पूजा-पाठ न कर सकें।

 

रिर्पोट के अनुसार डेरा इस्माइल खान में स्थित काली बाड़ी हिंदू मंदिर को एक मुस्लिम को भाड़े पर दिया गया है। पाकिस्तान में मंदिरों के ज्यादा उपयोग ताज होटलों के फायदे की तरह किया जा रहा है। सबसे चौकाने वाली बात तो यह है कि अगर किसी हिंदू की मौत भी हो जाए तो उसे दफनाने पर मजबूर किया जाता है।

कृष्ण द्वार मंदिर पर समाधि

प्राचीन समय में पाकिस्तान के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा जिले के कर्क में एक गांव में कृष्ण द्वार के नाम से एक मंदिर था । पर आज इस जगह समाधि का निर्माण हो चुका है। आस पास के स्थानों को घर मकानों से घेर दिया गया है।

कई हिंदू मंदिरों को धवस्त किया गया

पाकिस्तान में कई हिंदू के मंदिरों को गिरा कर उन पर कारोबारी गतिविधियां की जा रहीं है। ऐसी स्थिति में एक 28 मार्च 2014 का हमला है। उस दिन पाकिस्तान में  हैदराबाद के एक कारोबारी इलाके फतेह चौक के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर में तीन नकाबपोशों ने हमला किया था। इस इलाके के आसपास बड़ी तादाद में हिंदू रहते हैं। इस मंदिर में पेट्रोल फेंककर आग लगाई गई थी। इसके अलावा सिंध में भी हिंदू मंदिर पर हमला किया गया।

गुरूद्वारे को बनाया गया कारोबार का स्थान

पाकिस्तान के एबटाबाद में गली में सिखों का गुरूद्वारा था लेकिन अब यहां कपड़ों की दुकाने खुल गयी है। हिंदूओं के मंदिर को तोड़कर स्कूलों को खड़ा कर दिया गया है। इस्लामाबाद में स्थित राम कुंड मंदिर को तोड़कर पिकनिक स्पॉट बनाया गया है। ऐसे में पाकिस्तान में हिंदूओं के आस्था के अस्तित्व को पूरे तौर समाप्त कर दिया गया है।

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