अमर भारती : महाराष्ट्र में बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित मराठा आरक्षण विधेयक का मुहूर्त निकाल गया है। यह घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को की। उन्होंने कहा कि कानून विशेषज्ञ और अधिकारी विधेयक तैयार कर रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता मराठा समाज को आरक्षण देते वक्त किसी अन्य समाज के आरक्षण में कोई कटौती नहीं होगी।

मराठा समाज को 52 प्रतिशत आरक्षण के दायरे के बाहर आरक्षण दिया मराठा समाज को आरक्षण देते वक्त किसी अन्य समाज के आरक्षण में कोई कटौती नहीं होगी। मराठा समाज को 52 प्रतिशत आरक्षण के दायरे के बाहर आरक्षण दिया है। मराठा समाज सामाजिक और शैक्षणिक घोषित किए जाने से संविधान की धारा 15 (4) व 16 (4) के अनुसार मराठा समाज राज्य में मुस्लिम समाज को पहले ही ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया है।

पाटिल ने कहा कि आंध प्रदेश और केरल सरकार ने पहले धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया, लेकिन वहीं, कांग्रेस विधायक नसीम खान ने कहा कि मुस्लिम समाज को धर्म के आधार पर नहीं पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण दिया चाहिए आरक्षण के लाभ का हकदार है। राज्य में मुस्लिम समाज को पहले ही ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया है। पाटिल ने कहा कि आंध प्रदेश और केरल सरकार ने पहले धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया, लेकिन वह कोर्ट में नहीं टिक पाया।

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