अमर भारती : भारत-पाक बॉर्डर से लगे खेतों में खेती करने वाले पाकिस्तान किसानों को अब सतलुज नदी के पानी का लाभ नहीं मिल पाएगा। काफी समय से हुसैनीवाला हैड गेटों के खराब होने का कारण बने सतलुज नदी का पानी रिसकर पाकिस्तान की ओर जा रहा था। जिससे पाकिस्तान की खेती काफ़ी फल फूल रही थी, पर अब हुसैनीवाला और हरिके गेटों को ठीक किया जा रहा है, ताकि दरिया का पानी जा पाए। दरिया के पानी का लाभ बॉर्डर पर बस रहे किसान उठा सकें।

सिंचाई विभाग के अधिकारी का कहना है कि हुसैनीवाला हैड के दरवाजों की स्थिति खराब होने के कारण सतलुज का पानी पाकिस्तान की तरफ जा रहा था जिससे पाकिस्तान के किसानों को फायदा मिल रहा था। अब हुसैनीवाला हैड के गेटो की मरम्मत का कार्य चालू हो चुका है, पंजाब सरकार का कहना है कि वह एक बूंद भी पाकिस्तान की तरफ जाने नहीं देगी, जिससे अब पाकिस्तान को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

पाकिस्तान पिछले कई वर्षो से इस दरिये के पानी का उपयोग खेती में कर रहा था। मछुआरों को भी इस नहर के पानी से काफी फायदा मिल रहा था। पंजाब सरकार का कहना कि अब गेटों के मरम्म्त हो जाने से भारतीय किसानों का अब इसका पूरा फायदा मिलेगा,जिन रास्तों से पानी का रिसाव होता था उन संवेदनशील रास्तों पर  फेंसिंग लगाकर कड़े बंदोबस्त के साथ सुरक्षा कर सकेंगे, इन्हीं रास्तों के सहायता से पाकिस्तान तस्कर, व आईएसआई एजेंटों की घुसपैठ इन्हीं रास्तों से करते थे मरम्म्त के होने से अब बीएसएफ के जवानों को सुरक्षा करने में आसानी होगी।

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