अमर भारती : सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 550वीं जयंती पर भारत सरकार करतारपुर साहिब तक कॉरिडोर का निर्माण करेगी। प्रकाश पर्व से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की मंजूरी दी। बता दें कि सीमा की दूसरी और पाकिस्तान में सिखों का पवित्र करतारपुर साहिब गुरुद्वारा है। पाक द्वारा इजाजत न दिए जाने के कारण सिख दूरबीन से करतारपुर साहिब के दर्शन करते हैं।

यह कॉरिडोर गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक बनाई जाएगी। करतारपुर परियोजना आधुनिक सुविधाओं और केंद्र सरकार की फंडिंग के साथ लागू की जाएगी।

राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार इस पर्व को बड़े पैमाने पर मनाएगी। सरकार गुरदासपुर जिले से लेकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर तक करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण करेगी। जहां सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस कॉरिडोर से लोगों को करतारपुर साहिब जाने में मदद मिलेगी।

जेटली ने कहा, ‘गुरुनानक देवजी ने करतारपुर साहब में अपने जीवन के 18 साल लगाए। यह भारत की सीमा से कुछ किलोमीटर अंदर पड़ोस की सीमा में है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं। भारत की सीमा पर खड़े होकर दर्शन की सुविधा है। कैबिनेट ने फैसला किया है कि डेरा बाबा नानक जो गुरुदासपुर में है, वहां से लेकर इंटरनैशनल बॉर्डर तक एक करतारपुर कॉरिडोर बनाया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि यह वैसा ही होगा, जैसे कोई बहुत बड़ा धार्मिक स्थल होता है। यहां पर वीजा और कस्टम की सुविधा मिलेगी। इसको व्यापक तरीके से करतार साहिब कॉरिडोर को बनाया जाएगा, यह 3 किलोमीटर का होगा। इसको भारत सरकार पूरी तरह से फंड करेगा।

कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “गुरुनानक देवजी ने करतारपुर साहब में अपने जीवन के 18 साल बिताए। यह भारत की सीमा से कुछ किलोमीटर अंदर पड़ोस की सीमा में है। यहां श्रद्धालु आते हैं। भारत की सीमा पर खड़े होकर दर्शन की सुविधा है। कैबिनेट ने फैसला किया है कि डेरा बाबा नानक जो गुरुदासपुर में है, वहां से लेकर इंटरनैशनल बॉर्डर तक एक करतारपुर कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह वैसा ही होगा, जैसे कोई बहुत बड़ा धार्मिक स्थल होता है।”

जेटली ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग में सुल्तानपुर लोधी को हेरिटेज टाउन बनाने का फैसला किया गया है। सुल्तान पुर लोदी गुरुनानक देवजी के जन्म के साथ संबंधित है। उसको स्मार्ट सिटी की तर्ज पर ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा एक हेरिटेज कॉम्पलेक्स भी बनेगा, जिसका नाम होगा पिंड बाबा नानक दा। इसके अलावा पंजाब में सेंटर फॉर इंटरफेथ स्टडीज भी बनाया जाएगा, जिसकी चेयर कनाडा और यूके में भी होंगी। नानक की जयंती सभी राज्यों और भारतीय दूतावासों में कार्यक्रम होंगे।

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