अमर भारती : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों पाकिस्तान के प्रति कड़ा रूख अपनाए हुए है। पाकिस्तान में नई सरकार के बदलाव के बाद भी ट्रंप का रवैया बदला नही है। इसे देखते हुए अमेरिका  लगातार पाकिस्तान की आर्थिक सहायता रोकने के प्रयास में लगा हुआ है।

आर्थिक संकट से बदहाल देश पाकिस्तान पर चारों और से संकट छाया हुआ है। आईएमएफ की सख्त़ी के बाद पाकिस्तान के सबसे बड़े मददगार अमेरिका ने भी आतंक को पनाह देने वाले देश पाकिस्तान को सहायता देना बंद कर दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के ऐलान के बाद पाकिस्तान को दी जाने वाली 1.66 बिलियन डॉलर की राशि की सहायता पर रोक लगा दी है। मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग ने ईमेल के माध्यम से भेजे गए सवालों के जवाब में कहा, पाकिस्तान की 1.66 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता पर रोक लगाई गई है।

IMF की सख्त़ी

IMF ने भी पाकिस्तान को कड़ा झटका दिया है आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान को राहत पैकेज देने से पहले कुछ कड़ी शर्तों का प्रस्ताव रखा है। यह राहत सहायता पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति सही रास्ते पर लाने के लिए यह काफ़ी जरूरी है। शर्तों के मुताबिक IMF ने पाकिस्तान से चीन के साथ वित्तीय सहयोग समझौते की पूरी जानकारी मांगी है। पर दोनों देश इस समझौते का खुलासा करने से बच रहे है।

डोनाल्ड ट्रंप का यह था बयान

सोमवार को ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा था कि पाकिस्तान हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा है। ट्रंप ने  अपने ट्वीट में पाकिस्तान पर आतंकी ओसामा बिन लादेन को छिपाने का आरोप लगाते हुए पाकिस्तान को दी जाने वाली रक्षा सहायता को रोकने के प्रशासनिक फैसले का सर्मथन किया था।

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