अमर भारती : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज बुधवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राफेल डील पर देश में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। मोदी सरकार से विपक्षी पार्टियां और कई राजनीतिक समूह मीटिंग की बात कर रहे हैं लेकिन सरकार तैयार नहीं है इससे पता चलता है कि इस सौदे में जरूर दाल में कुछ काला है।

मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं। एक तरफ जहां यहां राजनीतिक पार्टियों का जमावड़ा लगा हुआ है वहीं राममंदिर से लेकर राफेल डील तक पर बयानबाजी का दौर भी तेज होता जा रहा है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मैंने पहले ही संसद में कहा था कि यह संगठित लूट का हिस्सा है।’ जबकि जीएसटी पर उन्होंने कहा कि इसे बगैर पूरी तैयारी और खास योजना के साथ लागू किया गया।

10 साल तक केंद्र में यूपीए सरकार का नेतृत्व करने वाले मनमोहन सिंह ने खुद को रिमोट सरकार कहे जाने की बात को खारिज करते हुए कहा कि हमारी सरकार की कोशिश यह थी कि सबको साथ लेकर चला जाए। हम सबको साथ लेकर चले, यही कारण रहा कि सरकार और पार्टी के बीच किसी तरह का कोई अंतर नहीं रहा।

उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी जी ने हर किसी के बैंक खाते में 15-15 लाख देने का वादा किया था, लेकिन इस बारे में क्या हुआ। मोदी सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। हमने राफेल डील पर जेपीसी की मांग की थी, लेकिन अभी तक इस पर कुछ नहीं हुआ।

राफेल डील को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि राफेल मामला, दाल में काला ही काला नजर आता है। इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। जांच के लिए जेपीसी गठित की जाए। राफेल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान बेहाल है। लोन, फसल और सुविधाएं नहीं मिलने से किसान की स्थिति दयनीय बनी हुई है। राज्य सरकार ने किसानों की समस्या पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने राज्य में हुए सबसे बड़े व्यापमं घोटाले पर भी लोगों का ध्यान खींचा।

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