अमर भारती :  राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में हफ्ते भर से जारी विवाद पर विराम लगता नहीं दिख रहा है। लालू खुद जेल में हैं और राबड़ी देवी ने चुप्पी साध रखी है। करीब छह महीने पहले शाही अंदाज में ब्याह कर लाई गई अपनी पत्नी ऐश्वर्या से मुक्ति की इच्छा लेकर तेज प्रताप तीर्थों में भटक रहे हैं।

तेजस्वी पार्टी के काम में व्यस्त हैं। बहन मीसा भारती सामने आने से बच रहीं हैं। फिर कौन लगाएगा लालू परिवार में विवादों पर विराम? फिलहाल यही सवाल बड़ा है।

यह चर्चित शादी इसी साल 12 मई को पटना में हुई थी। तेज का रिश्ता बिहार के पूर्व सीएम दरोगा प्रसाद राय की पोती के साथ हुआ था। लड़की के पिता चंद्रिका राय भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

वहीं तेज प्रताप भी नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इस बात पर भी गौर करना होगा कि तेज प्रताप जिस वक्त मंत्री थे, उस वक्त तक उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव खुद को लालू के उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित कर चुके थे। उसके बाद खाली स्पेस को भरने के लिए जद्दोजहद जारी थी।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव के तलाक से संबंधित सवाल पूछते ही बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मीडिया पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि आपकी बीवी ने अच्छा खाना बनाया या बुरा मैंने पूछा क्या।

उन्होंने कहा कि यह हमारे परिवार का निजी मसला है। तेजस्वी यादव अपनी बहन रागिनी यादव और उनके पति के साथ रिम्स में भर्ती पिता लालू प्रसाद से मिलने शनिवार को रांची आए थे।

तेजस्वी यादव ने कहा कि तेजप्रताप के तलाक के मसले के समाधान में उनका परिवार सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों की जगह पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक मुद्दा बनाना गलत है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निजी मामलों को इसी तरह उछाला जाता रहा तो बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक कोई नहीं बचेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि कल मेरा जन्मदिन था।

इसलिए वे अपने पिता से आशीर्वाद लेने आए थे। वे पिता की सेहत को लेकर चिंतित हैं। डॉक्टरों ने बताया है कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

बता दें कि भोला यादव राजद प्रमुख लालू यादव परिवार के करीबी माने जाते हैं। भोला यादव ने कहा कि रावड़ी देवी तेज प्रताप के उस कथित बयान से दुखी हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह तब तक घर नहीं लौटेंगे जब तक उनके माता-पिता उनके फैसले पर सहमति नहीं जताएंगे।

उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में राबड़ी देवी छठ नहीं मनाएंगी।” उन्होंने स्वीकार किया कि परिवार तेज प्रताप को जल्द घर वापस आने के लिए समझाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली है। राजद के नेताओं ने बताया कि तेज प्रताप कुछ दिन पहले वाराणसी की यात्रा करने के बाद हरिद्वार में पड़ाव डाले हुए थे।

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