अमर भारती : श्रीलंका में दो हफ्ते से प्रधानमंत्री पद को लेकर चल रहे राजनीतिक संकट के बीच श्रीलंकाई राष्ट्रपति सिरीसेना ने संसद को भंग कर दिया है। एक मंत्री के मुताबिक जब उनकी पार्टी ने इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी कि उनके पास पीएम पद के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है तो राष्ट्रपति ने संसद को भंग कर दिया।

सिरिसेना ने देश की संसद को शुक्रवार मध्यरात्रि से भंग करने संबंधी गजट अधिसूचना पर हस्ताक्षर करने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की। वहीं, प्रधानमंत्री पद से बर्ख़ास्त किए गए रानिल विक्रमासिंघे की पार्टी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने कहा है कि राष्ट्रपति के पास ऐसे फ़ैसले लेने की शक्ति नहीं है।

पिछले महीने राष्ट्रपति सिरिसेना ने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री बना दिया था जबकि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमासिंघे और उनके मंत्रिमंडल को बर्ख़ास्त कर दिया था।

खास बात यह है कि बीते दो सप्ताह से चल रहे राजनीतिक और संवैधानिक संकट के बीच यह एक और अचंभित करनेवाला कदम बताया जा रहा है। गजट नोटिस के अनुसार 19 नवंबर से 26 नवंबर के बीच इस चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरे जाएंगे। और चुनाव 5 जनवरी को होंगे। जबकि नए संसद की बैठक 17 जनवरी को बुलाई जाएगी

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